ठंडाई पीने से हैंगओवर होता है या नहीं, सच्चाई सुनकर दिमाग घूम जाएगा; पीने से पहले जान लें
Amazing Facts : सोशल मीडिया पर आपने कई तरह की ड्रिंक्स से जुड़े रोचक फैक्ट्स पढ़े होंगे। मगर, आज हम आपको बताएंगे कि ठंडाई पीने से हैंगओवर होता है या नहीं ?

Amazing Facts : हमारे देश में त्योहारों पर चाय-कॉफी के अलावा लोग तरह-तरह की अन्य ड्रिंक्स का सेवन भी करते हैं। हम बात कर रहे हैं लस्सी और ठंडाई जैसी ड्रिंक्स में जिसमें आपको एक से बढ़कर एक चीजों का फ्यूजन मिलता है। ठंडाई का सेवन लोग आमतौर पर होली पर करते हैं आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के कई शहरों में ठंडाई का सेवन महाराशिवरात्रि से ही शुरू हो जाता है। ठंडाई न पीने वाले लोगों में इस बात का बड़ा कन्फ्यूजन रहता है कि, ठंडाई से संभवत: नशा होता है। इसी कड़ी में एक लाइन आगे जोड़कर लोग ये मान लेते हैं कि, संभवत: ठंडाई से हैंगओवर होता होगा। मगर, आज हम आपका ये कन्फ्यूजन दूर करेंगे और बताएंगे कि, ठंडाई पीन से हैंगओवर होता है या नहीं।
क्या होती है ठंडाई
बता दें कि, ठंडाई एक पारंपरिक भारतीय ड्रिंक है। माना जाता है कि, इसकी उत्पत्ति उत्तर भारत के मध्य भाग में हुई है और इसे मुख्यत: होली और महाराशिवरात्रि जैसे मौकों पर खूब पीया जाता है। ठंडाई में आपको मसाला, दूध, चीनी, मेवे और केसर और इलायची जैसे सुगंधित मसालों और ड्राई फ्रूट सहित कई सामग्रियों का फ्यूजन मिलता है। इन सभी तत्वों के मेल से एक स्वादिष्ट और ठंडक देने वाला पेय बनता है, जो वसंत ऋतु के त्योहारों के लिए एकदम उपयुक्त है। उत्तर भारत में माना जाता है कि ठंडाई भाईचारे, खुशी और एकजुटता का प्रतीक है।
ठंडाई मसाले में क्या-क्या होता है
गौरतलब है कि, ठंडाई पाउडर में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री को काफी सावधानी से चुना जाता है। इसके सामान्य मिश्रण में इलायची, काली मिर्च, केसर, सौंफ, खसखस, गुलाब की पंखुड़ियां, बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट होते हैं। प्रत्येक का कार्य केवल स्वाद या सुगंध बढ़ाना ही नहीं है। ये व्यक्तिगत रूप से और साथ मिलकर आपके शरीर द्वारा भोजन के पाचन,पोषक तत्वों के अवशोषण और रोजमर्रा के तनाव और संक्रमणों से निपटने में सहायता करते हैं।
ठंडाई को लेकर कैसे फैलता है भ्रम
दरअसल, ठंडाई बनाने के पारंपरिक तरीके में नशीले तत्वों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हालांकि, समय के साथ जैसे-जैसे लोगों में बदलाव आए वैसे-वैसे लोगों ने ठंडाई के स्वरूप को भी अपनी जरूरत के अनुसार ढाल दिया। कहीं ठंडाई में भांग तो कहीं इसमें रूह अफज़ा जैसे शरबतों का मिश्रण किया जाने लगा। धीरे-धीरे लोग ठंडाई के पुरातन और असली स्वरूप को छोड़ भांग वाली ठंडाई पसंद करने लगे जिसे पीने के बाद नशा भी उतनी ही मात्रा में होने लगा। यहीं से लोगों में इस बात का भ्रम बढ़ने लगा कि बाजार में मिलने वाले ठंडाई पाउडर में संभवत: भांग होती है और फिर लोगों ने भांगयुक्त ठंडाई से परहेज करना शुरू कर दिया।
ठंडाई पीने से हैंगओवर होता है या नहीं
dotshot की रिपोर्ट के मुताबिक, ठंडाई में अक्सर भांग (कैनाबिस) जैसे तत्व शामिल होते हैं जो कि इसे बनाने में प्रयुक्त होते हैं। जबकि कुछ क्षेत्रों में भांग युक्त ठंडाई होली के उत्सव का प्रतीक है, इसका सेवन नशा पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में हैंगओवर जैसी अनुभूति भी हो सकती है। ठंडाई और भांगयुक्त ठंडाई में अंतर करना आवश्यक है। भांग मिली ठंडाई का अधिक सेवन करने से हैंगओवर जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में सिरदर्द, डिहाइड्रेशन और सुस्ती शामिल हैं। जबकि, बिना भांग की पारंपरिक ठंडाई पीने से हैंगओवर की संभावना काफी कम हो जाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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