Amazing Facts : भारत दुनिया के उन देशों में से एक है जिसकी जैव विविधता काफी समृद्ध और धनी मानी जाती है। यही वजह है के भारत के पारिस्थितकी तंत्र को देखने और उसको अनुभव करने के लिए दुनिया भर के लोग यहां आते हैं। Global Forest Resources Assessment (GFRA) 2025 में कुल वन क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर 9वां स्थान भी मिल चुका है। इसके अलावा भारत शुद्ध वार्षिक वन क्षेत्र की वृद्धि के मामले में दुनिया भर में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। वन्य क्षेत्रों की बात करें तो भारत का वन्य क्षेत्र कई हजार वर्ग किमी में फैला हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में जब भी घूमने की बात आती है तो लोगों की पहली पसंद टाइगर रिजर्व और लॉयन सफारी होती है। मगर, अक्सर लोग Tiger Reserve और Lion Safari को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं और दोनों में अंतर को समझ नहीं पाते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि, टाइगर रिजर्व और लॉयन सफारी में क्या अंतर होता है।
भारत में कहां-कहां है टाइगर रिजर्व (Tiger Reserves in India)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में कुल 58 टाइगर रिजर्व बताए जाते हैं। ये 18 ये ज्यादा राज्यों में फैले हुए हैं। इनमें से आपको सबसे ज्यादा 9 टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में मिलेंगे जिसे 'टाइगर स्टेट' की संज्ञा दी जाती है। इसके अलावा भारत में बंगाल का सुंदरबन, उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट, एमपी का बांधवगढ़, राजस्थान का रणथंभौर और आंध्र प्रदेश का नागार्जुनसागर श्रीशैलम टाइगर रिजर्व काफी ज्यादा फेमस है।

भारत में लॉयन सफारी कहां-कहां है (Lion Safari in India)
बता दें कि, भारत में कई जगहों की लॉयन सफारी विश्वविख्यात है। यहां पर लॉयन सफारी गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में है जिसे एशियाई शेरें का इकलौता प्राकृतिक आवास बताया जाता है। गौरतलब है कि, भारत में यूपी की इटावा लॉयन सफारी, दादरा नगर हवेली की वासोना, बंगाल की सिलीगुड़ी और राजस्थान की जयपुर लॉयन सफारी काफी ज्यादा फेमस है।

टाइगर रिजर्व और लॉयन सफारी में अंतर (Tiger Reserve and Lion Safari Difference)
टाइगर रिजर्व और लॉयन सफारी में काफी अंतर (Tiger Reserve and Lion Safari Difference) पाए जाते हैं। प्रमुख तौर पर टाइगर रिजर्व प्राकृतिक घने जंगलों में बाघों के संरक्षण के लिए होते हैं जहां वे स्वच्छंद और स्वतंत्र रूप से रहते हैं। जबकि, लॉयन सफारी एक बाड़े में बंद क्षेत्र है जहां शेरों को देखने के लिए लोग वाहनों से पहुंचते हैं। क्षेत्रफल की दृष्टि से टाइगर रिजर्व कई सौ वर्ग किलोमीटर में फैले होते हैं जबकि लॉयन सफारी सीमित क्षेत्र में होती है। जहां एक ओर टाइगर रिजर्व में बाघ जंगली किस्म के होते हैं तो वहीं, दूसरी ओर लॉयन सफारी के शेरों में अनाथ या संघर्षरत शेरों का संरक्षण भी किया जाता है। टाइगर रिजर्व का उद्देश्य बाघ की आबादी को बढ़ाना और उनके आवास की रक्षा करना है जबकि लॉयन सफारी का उद्देश्य पर्यटन और शिक्षा भी है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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