सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इनफ्लुएंसर सुनील आर (Sunil R) ने वंदे भारत ट्रेन की सफाई और सुविधाओं की तारीफ करते हुए शुरू किया, लेकिन अंत में यात्रियों द्वारा छोड़े गए कचरे का नजारा दिखाया। इस कंट्रास्ट ने लोगों में गुस्सा और निराशा पैदा कर दी। कई यूजर्स ने टिप्पणी की— “शायद भारतीय वंदे भारत ट्रेन जैसी सुविधाएं डिज़र्व नहीं करते...” वीडियो को करीब 80 लाख व्यूज मिल चुके हैं।
वंदे भारत में मिलने वाली सुविधाएं दिखाईं
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @maskedguyslife नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो की शुरुआत में ट्रेन साफ-सुथरी और आधुनिक दिखती है। स्टाफ यात्रियों को अखबार बांटते नजर आते हैं, खाना सर्व किया जा रहा है और हाउसकीपिंग कर्मचारी इस्तेमाल किए गए ट्रे तथा कचरा नियमित रूप से इकट्ठा कर रहे हैं। कोच व्यवस्थित और अच्छी तरह मेंटेन किया हुआ प्रतीत होता है। वॉशरूम भी साफ दिखते हैं। लेकिन वीडियो के आखिरी हिस्से में सीटों के नीचे, सीट पॉकेट्स में और फर्श पर पानी की बोतलें, स्नैक पैकेट्स, केन और अन्य कचरा बिखरा पड़ा है। डस्टबिन उपलब्ध होने और स्टाफ के नियमित सफाई करने के बावजूद यात्रियों ने कचरा यूं ही छोड़ दिया।
यात्रियों का कचरा फैलाना निराशाजनक
सुनील आर ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका मकसद वंदे भारत या भारतीय रेलवे की आलोचना करना नहीं था। उन्होंने लिखा, “यह रील वंदे भारत या इंडियन रेलवे के खिलाफ नहीं है। बल्कि इसके विपरीत है।” उन्होंने ट्रेन को आधुनिक, आरामदायक और अच्छी तरह मेंटेन किया हुआ बताया। स्टाफ पहले से कचरा इकट्ठा कर रहा था, इसलिए यात्रियों का कचरा छोड़ना और भी निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि अगर हम वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मांग सकते हैं तो उन्हें सम्मान भी देना चाहिए। “समस्या दिखाना देश से नफरत नहीं है। बेहतर चाहना एंटी-इंडिया होना नहीं है।”
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तीखी रहीं। कई लोगों ने सिविक सेंस की कमी पर अफसोस जताया।
एक यूजर ने लिखा, “हम कभी स्वच्छ देश नहीं बन सकते अगर कुछ लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपने घर की तरह नहीं मानते।”
दूसरे ने कहा, “पैसे से क्लास नहीं मिलती।”
कुछ ने सीसीटीवी और फाइन सिस्टम लगाने की सलाह दी। यह वीडियो स्वच्छ भारत अभियान और पब्लिक स्पेस में जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ गया है।
एक ने लिखा कि, “कितना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।”
एक और यूजर ने लिखा कि, “पैसा शिष्टाचार नहीं खरीद सकता।”
वहीं, एक अन्य ने लिखा कि, “अगर कुछ लोग सार्वजनिक परिवहन और सार्वजनिक स्थानों को अपने घरों की तरह नहीं मानते हैं, तो हम कभी भी एक स्वच्छ देश नहीं बन सकते।”
गौरतलब है कि, इससे पहले ट्रेन में गंदगी फैलाती एक महिला का वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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