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धरती पर स्थित यह जगह लगता है एलियन्स का बसेरा, चले गए तो लगेगा कि दूसरे ग्रह पर आ गए

हमारी पृथ्वी पर अभी भी ऐसी जगहें हैं जो हमें हैरान करती हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। यहाँ का हर पेड़, हर जीव और हर नजारा ऐसा लगता है जैसे किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का हिस्सा हो।

सोकात्रा द्वीप- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL MEDIA सोकात्रा द्वीप

इस धरती पर कई अजीबोगरीब जगहें हैं लेकिन आज हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जो इस धरती का लगता ही नहीं है। ऐसा लगता है कि ये जगह किसी दूसरी दुनिया का है। तो हम बात कर रहे हैं यमन के तट से दूर हिंद महासागर में बसा सोकात्रा द्वीप (Socotra Island) की। यह द्वीप इतना अनोखा है कि इसे "पृथ्वी पर स्थित एलियन का बसेरा" भी कहा जाता है। यहाँ की प्रकृति, पेड़-पौधे और जीव-जंतु ऐसे हैं जैसे किसी दूसरी दुनिया से लाए गए हों।

Image Source : Social Mediaसोकात्रा द्वीप

कैसे यह द्वीप है सबसे अजीबोगरीब

ड्रैगन ब्लड ट्री: सोकात्रा का सबसे मशहूर पेड़, जिसे "ड्रैगन ब्लड ट्री" कहते हैं। ये पेड़ छतरी जैसे आकार के होते हैं, जिनकी शाखाएँ ऊपर की ओर फैली रहती हैं। इनके तने से लाल रंग का रस निकलता है, जो प्राचीन काल में दवा, जादू और रंग के लिए इस्तेमाल होता था। ये पेड़ कहीं और नहीं पाए जाते।

अनोखे जीव-जंतु: सोकात्रा की 37% पौधों की प्रजातियाँ और 90% सरीसृप प्रजातियाँ विश्व में कहीं और नहीं मिलतीं। यहाँ के कीड़े, पक्षी और समुद्री जीव भी बेहद विचित्र हैं। उदाहरण के लिए, यहाँ की "सोकात्रा ब्लू बर्ड" और विचित्र दिखने वाली छिपकलियाँ पर्यटकों को हैरान कर देती हैं।

रेगिस्तानी गुलाब: यह एक अजीब पौधा है जो मोटे, बोतल जैसे तने के साथ जमीन पर फैलता है और छोटे-छोटे गुलाबी फूल उगाता है। यह ऐसा लगता है जैसे किसी ने रेगिस्तान में कोई विचित्र सजावट रख दी हो।

सफेद रेत और नीला पानी: द्वीप के समुद्र तटों पर चमकदार सफेद रेत और क्रिस्टल साफ नीला पानी है, जो इसे स्वर्ग जैसा बनाता है। लेकिन इसके साथ ही चट्टानी पहाड़, गुफाएँ और अजीब आकार की चट्टानें इसे रहस्यमयी बनाती हैं।

एक रहस्यमयी इतिहास

सोकात्रा की भौगोलिक अलगाव (यह 80 मिलियन साल पहले गोंडवानालैंड से अलग हुआ था) ने इसे एक अनोखा जैव-विविधता केंद्र बना दिया। स्थानीय लोग सोकात्री भाषा बोलते हैं, जो प्राचीन दक्षिणी अरबी भाषा से जुड़ी है। यहाँ की गुफाओं में प्राचीन चित्र और अवशेष मिले हैं, जो बताते हैं कि यहाँ हजारों साल पहले भी लोग रहते थे। कुछ किंवदंतियाँ कहती हैं कि यहाँ जादू और आत्माएँ बसती हैं, जिससे यह और रहस्यमयी बन जाता है।

Image Source : Social Mediaसोकात्रा द्वीप

आज की स्थिति

सोकात्रा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, लेकिन यमन के राजनीतिक संकट के कारण यहाँ पर्यटन सीमित है। फिर भी, जो लोग यहाँ पहुँचते हैं, वे इसे "दूसरे ग्रह" जैसा अनुभव बताते हैं। यहाँ की सड़कें कम हैं, बिजली सीमित है, और इंटरनेट लगभग न के बराबर। यह जगह उन साहसी यात्रियों के लिए है जो प्रकृति के सबसे विचित्र रूप को देखना चाहते हैं।

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