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'यूरोपीय तटों से भी बेहतर है ओडिशा का समुद्री तट,' महिला ने खुद शेयर की सच्चाई; वायरल हुई पोस्ट

Viral Post : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में एक महिला ने भारतीय समुद्री तट की काफी प्रशंसा की है।

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Image Source : FREEPIK समुद्री तट।

Viral Post : भारत के समुद्री तट विदेशी तटों से कई मायनों में बेहतर या कम से कम अनोखे और प्रतिस्पर्धी माने जाते हैं। हालांकि मुख्यधारा में विदेशी तटों को ज्यादा प्रचार मिलता है, लेकिन भारत के कई तट प्राकृतिक सुंदरता, विविधता, सस्तेपन और सांस्कृतिक मिश्रण में उनसे आगे निकल जाते हैं। इस बात की तस्दीक उस वक्त हुई जब एक भारतीय महिला ने एक्स पर अपना पक्ष रखा। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने ओडिशा की खूबसूरती की ओर ध्यान आकर्षित किया है। एक पूर्व आईएएस अधिकारी ने राज्य भर में अपने परिवार के साथ की गई यात्रा की यादें साझा की हैं। इस यात्रा में क्षेत्र के वन्यजीवों, ऐतिहासिक मंदिरों और स्वच्छ समुद्र तटों को दिखाया गया है, जिसने यात्रियों को आश्चर्यचकित कर दिया और ऑनलाइन खूब प्रशंसा बटोरी।

एक्स पर शेयर की पोस्ट 

एक्स पर @over2shailaja नामक हैंडल से एक पोस्ट की गई है। इस पोस्ट में पूर्व आईएएस अधिकारी शैलजा चंद्र ने बताया कि ओडिशा की उनकी यात्रा उनके और उनके पति के लिए सुखद आश्चर्यों से भरी रही। उन्होंने लिखा कि 81 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने 84 वर्षीय पति, बेटे और पोते के साथ ओडिशा के कई प्रसिद्ध स्थानों की यात्रा की। इस दौरान परिवार ने कोणार्क, चिल्का झील, पुरी और धौली जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। चिलिका झील में डॉल्फ़िन देखना यात्रा के सबसे यादगार अनुभवों में से एक था। चिलिका झील को एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील माना जाता है और यह विविध वन्यजीवों का घर है।  

इन जगहों का किया भ्रमण

यात्रा के दौरान, पूर्व आईएएस अधिकारी के परिवार ने प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर का भी दर्शन किया। बता दें कि यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए जाना जाता है। शैलजा चंद्र ने समझाया कि ये मंदिर सूर्यघड़ी की तरह काम करते हैं। यात्रा के दौरान, परिवार ने पुरी में स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के दर्शन भी किए। यह मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है, जो पूरे देश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। पूरी यात्रा के दौरान चंद्रा पर सबसे गहरा प्रभाव ओडिशा के समुद्र तटों की स्वच्छता ने छोड़ा। उन्होंने लिखा कि राज्य के समुद्र तट उन्हें उन कई यूरोपीय समुद्र तटों से अधिक स्वच्छ लगे, जहाँ वे पहले जा चुकी थीं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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