स्टार्टअप के लिए ₹75 लाख की जॉब छोड़ी, मगर AI की वजह से छूटते चले गए सारे कस्टमर; महिला की पोस्ट Viral
सोशल मीडिया पर एक महिला की स्टार्टअप जर्नी वायरल हो रही है। इसमें उसने बताया कि, उन्होंने ₹75 लाख की जॉब छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया था।

पुणे की टेक एंटरप्रेन्योर ख्याति ठाकुर की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने लगभग 75 लाख रुपये प्रति वर्ष की ऊंची सैलरी वाली टेक नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू किया था, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज विकास ने उनके पहले प्रोडक्ट को महज 30 दिनों में बेकार कर दिया। नतीजतन स्टार्टअप के सभी ग्राहक हाथ से निकल गए।
लिंक्डइन पर शेयर की जर्नी
इस पोस्ट को लिंक्डइन पर @Khyati_Thakur नामक हैंडल से शेयर किया गया है। ख्याति ठाकुर यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने कई वर्षों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। 2022 से 2025 तक उन्होंने Inspirit में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्य किया। फरवरी 2025 में उन्होंने नौकरी छोड़कर Fridayy AI नाम का स्टार्टअप लॉन्च किया।
AI ने स्टार्टअप को पहुंचाया नुकसान
Fridayy AI छोटे व्यवसायों को AI की मदद से ऑनलाइन स्टोर बनाने, प्रोडक्ट कैटलॉग तैयार करने, मार्केटिंग कंटेंट बनाने और विभिन्न मार्केटप्लेस पर सामान बेचने में सहायता करता है। शुरुआत में कंपनी का पहला प्रोडक्ट अच्छी तरह चल रहा था, लेकिन ChatGPT और Google के AI टूल्स के तेजी से आने और विकसित होने से वह प्रोडक्ट बाजार में अप्रासंगिक हो गया। ख्याति ने अपने LinkedIn पोस्ट में लिखा, “मैंने अपनी 75 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया। हमारे पहले प्रोडक्ट को ChatGPT और Google AI ने बेकार कर दिया। हमने 30 दिनों में हर एक ग्राहक खो दिया।”
कुल 16 महीने तक करना पड़ा संघर्ष
यह झटका इतना बड़ा था कि कंपनी को पूरी तरह से अपनी दिशा बदलनी पड़ी। ख्याति और उनकी टीम ने नया रास्ता (पिवट) खोजने में सात महीने लगाए। उसके बाद अर्थपूर्ण और उपयोगी प्रोडक्ट बनाने में और नौ महीने का समय लगा। कुल मिलाकर लगभग 16 महीने का संघर्ष करना पड़ा। अब कंपनी का फोकस छोटे बिजनेस के लिए AI-आधारित समाधानों पर है।
कठिनाइयों के बारे में भी बताया
वर्तमान में स्टार्टअप की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण है। ख्याति ने स्वीकार किया कि कंपनी का रनवे (संचालन के लिए बची पूंजी) जितना वे चाहतीं, उससे कम है। B2B सेल्स साइकिल 3 से 4 महीने लंबी होती है, जिससे कैश फ्लो में देरी होती है। वे ऐसे निवेशकों की तलाश कर रही हैं जो उनके आइडिया को समझें और उसमें विश्वास के साथ निवेश करने को तैयार हों। ख्याति ने इस अनुभव को साझा करते हुए स्टार्टअप की कठिनाइयों को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि वे किसी को डरा रही नहीं हैं, बल्कि बता रही हैं कि कुछ नया बनाने के लिए खुद पर अटूट, लगभग जुनूनी भरोसा होना चाहिए। बिजनेस बनाते समय जो कुछ गलत हो सकता है, वह गलत हो ही जाता है। ज्यादातर दिनों में व्यक्ति सोचता है कि उसने सुरक्षित मासिक सैलरी क्यों नहीं चुनी और खुद को बेवकूफ महसूस करता है। लोग कहते हैं कि सही समय पर छोड़ देना समझदारी है, लेकिन खुद को पता नहीं चलता कि कब छोड़ना है। व्यक्ति एक आखिरी कोशिश और करना चाहता है, क्योंकि अपनी खुद की चीज बनाने का रोमांच शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
नुकसान होने के बाद भी नहीं हुईं निराश
उन्होंने कहा कि अगर यह उद्यम कल खत्म भी हो जाए, तो भी उन्हें खुशी होगी कि उन्होंने इसमें अपनी पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने कोई भी नौकरी जितना सिखा सकती थी, उससे कहीं ज्यादा सीखा। उन्होंने कुछ ऐसा बनाया जिस पर कुछ समय के लिए लोगों की आजीविका निर्भर थी। उन्होंने सभी फाउंडर्स को सम्मान दिया और कहा कि वे अनोखे हैं। ख्याति की पोस्ट ने कई उद्यमियों और पेशेवरों को छू लिया। कई लोगों ने अपनी कहानियां साझा कीं और बताया कि सफलता की चमक के पीछे डर, असफलताएं, नींद की कमी और अटूट विश्वास छिपा होता है। कुछ ने कहा कि असफलता भी सीख देती है, जो अगले प्रोडक्ट में काम आती है।
गौरतलब है कि, इससे पहले बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की जॉब छोड़ने वाली महिला की पोस्ट वायरल हुई थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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