गन्ने के रस के एक स्टॉल पर लगे एक साधारण रेट चार्ट बोर्ड ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया है, जब लिंक्डइन पर एक पोस्ट में इसके पीछे की व्यावसायिक सोच को उजागर किया गया। इस पोस्ट ने इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि कैसे रोजमर्रा के स्ट्रीट वेंडर अक्सर औपचारिक व्यावसायिक शिक्षा के बजाय व्यावहारिक अनुभव के आधार पर समझदारी भरे रेट तय लेते हैं जो कि लोगों को काफी वास्तविक लगते हैं।
लिंक्डइन पर शेयर की गई पोस्ट
इस पोस्ट को लिंक्डइन पर @AnanyaNarang नामक हैंडल से शेयर किया गया है। उन्होंने गन्ने के रस बेचने वाले विक्रेता के रेट चार्ट की एक तस्वीर शेयर की, जिस पर लिखा था: 'गन्ने के रस की कीमत। बिना बर्फ के 30 रुपये। बर्फ के साथ 25 रुपये। आधा गिलास 20 रुपये।' पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे छोटे-छोटे दुकानदार, औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के बिना भी, अक्सर लागत, मांग और ग्राहक व्यवहार के आधार पर मूल्य निर्धारण करते हैं। इस मामले में, गन्ने के रस के विक्रेता के मूल्य निर्धारण बोर्ड ने अलग-अलग कीमतों को जिस तरह से प्रदर्शित किया, वह ध्यान आकर्षित करता है। इससे कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि व्यावसायिक सबक कक्षाओं या बोर्डरूम के बजाय वास्तविक जीवन के अनुभव से भी सीखे जा सकते हैं। उन्होंने अपने कैप्शन में कहा कि विक्रेता ने यूनिट इकोनॉमिक्स को अधिकांश संस्थापकों से बेहतर तरीके से समझा है।'
Image Source : Linkedin/@AnanyaNarangरेडिट पोस्ट वायरल।
रेट चार्ट के पीछे छिपा महत्व
पहली नजर में, गन्ने के रस के ठेले पर लगा ये रेट चार्ट सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन कई यूजर्स ने इसके पीछे की सोच को उजागर किया है। बर्फ, मात्रा और किस्मों के लिए अलग-अलग मूल्य विकल्प पेश करने से वेंडर विभिन्न प्रकार के ग्राहकों को सेवा प्रदान कर सकता है और लागत को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकता है। इससे बर्बादी कम करने में भी मदद मिलती है और व्यस्त सड़क के माहौल में व्यवसाय को लचीला बनाए रखने में सहायता मिलती है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने कमेंट किया, 'वह ईमानदार है। आप बर्फ के लिए शिकायत नहीं कर सकते क्योंकि वह रेट कम कर रहा है।'
दूसरे ने लिखा कि, 'छोटे व्यवसाय ग्राहकों को समझते हैं।'
तीसरे ने लिखा कि, 'हमें उनसे एमबीए की शिक्षा लेने की जरूरत है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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