हैदराबाद में एक व्यक्ति की नई लग्जरी कार की डिलीवरी का खुशी का पल अप्रत्याशित रूप से विवाद का विषय बन गया। दावा है कि, डिलीवरी के तुरंत बाद ट्रांसजेंडर समुदाय के एक समूह ने कार को घेर लिया और कथित तौर पर 2 लाख रुपये की मांग की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जहां इंटरनेट यूजर्स ने इसे ‘पागलपन’ करार दिया। हालांकि, अन्य यूजर्स ने ट्रांसजेंडर्स की मजबूरी का हवाला देते हुए उनकी आर्थिक समस्याओं की ओर इशारा किया।
एक्स पर सामने आया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @Netajinonsense1 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में दिखता है कि शोरूम के बाहर नई कार के चारों ओर चार-पांच ट्रांसजेंडर खड़े हैं। वे कार के आगे और आसपास रुके हुए हैं, कुछ लोग गाड़ी पर झुक रहे हैं या आगे लेटे हुए हैं। ड्राइवर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन समूह रास्ता नहीं छोड़ रहा। रिपोर्ट्स और कथित दावे के अनुसार, समूह ने शगुन या बधाई के नाम पर 2 लाख रुपये मांगे। हालांकि, वीडियो में आवाज न होने के कारण इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। दावा है कि, ये घटना हैदराबाद में नई कार डिलीवरी के दौरान हुई। कार मालिक ने डिलीवरी ली और शोरूम से निकलते ही समूह ने उन्हें रोक लिया। क्या रकम दी गई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। वीडियो में स्थिति तनावपूर्ण दिख रही है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तेज रहीं। कुछ ने कहा कि लग्जरी कार खरीदने पर भी परेशानी। अन्य यूजर्स ने पुरानी घटनाओं का जिक्र किया, जैसे हाउसवार्मिंग या अन्य समारोहों में पैसे की मांग। कुछ यूजर्स ने लोगों से जबरन पैसे वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कई यूजर्स ने लिखा, “यह तो पागलपन है।”
दूसरे ने लिखा कि, “नई कार खरीदने का मतलब 2 लाख अतिरिक्त खर्च?”
ट्रांसजेंडर्स के समर्थन में भी उतरे यूजर्स
कुछ यूजर्स ने कहा कि इस मुद्दे को केवल ऐसे वीडियो में दिखाई गई घटनाओं के आधार पर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने ट्रांसजेंडर लोगों द्वारा सामना की जाने वाली आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसी प्रथाओं के पीछे के व्यापक कारणों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि, यह घटना नई कार डिलीवरी, हाउसवार्मिंग और अन्य खुशी के मौकों पर पैसे की मांग की बढ़ती शिकायतों को उजागर करती है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर बताया कि ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं। कई यूजर्स का मानना है कि, ऐसे विवादों से समाज में तनाव बढ़ता है। स्वैच्छिक दान और जबरदस्ती में फर्क समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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