1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. भारत का इकलौता राज्य, जिसे झरनों का राजा कहा जाता है; 99% लोग नहीं जानते नाम

भारत का इकलौता राज्य, जिसे झरनों का राजा कहा जाता है; 99% लोग नहीं जानते नाम

Interesting Facts : सोशल मीडिया पर आपने अब तक कई तरह के शहरों और राज्यों के इतिहास से जुड़े फैक्ट पढ़े होंगे। मगर, आज हम आपको भारत में स्थित झरनों के राजा के बारे में बताएंगे।

king of waterfalls, which state is king of waterfalls, tallest waterfall in india, highest waterfall- India TV Hindi
Image Source : PEXELS झरनों का राजा।

Interesting Facts : दुनिया भर में भारत इकलौता ऐसा देश है जहां मौसम, जैव-विविधता, भाषा, खानपान और वेशभूषा समेत कई क्षेत्रों में वैरायटी देखने को मिलती है। भारत का एक-एक राज्य और वहां स्थित एक-एक शहर अपनी विलक्षणता और रहस्यों की गवाही देता है। मगर, कई राज्य ऐसे भी हैं जिनके विविधता से दुनिया के ही नहीं बल्कि भारत के भी कई लोग खुद अंजान बने हुए हैं। इसी क्रम में आज हम आपको भारत के एक ऐसे राज्य के बारे में बताएंगे जिसे उसकी खूबियों के आधार पर 'झरनों का राजा' कहा जाता है। क्या आपको भारत के उस राज्य का नाम पता है ? यदि आप उसके बारे में नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इसके बारे में भी बता देते हैं। 

झरना और झील में क्या अंतर है

सबसे पहले तो आपको बता दें कि, झील एक स्थिर जल निकाय को कहते हैं जबकि प्राकृतिक जल प्रवाह को झरना या जलप्रपात कहते हैं। झीलों का पानी स्थिर होता है और तो झरनों का पानी निरंतर गिरता रहता है। झीलें प्राकृतिक या कृत्रिम हो सकती हैं जबकि, झरने में नदी का पानी एक ऊंचाई से गिरता है और इसे अक्सर एक ऊंचाई से बहता हुआ पानी कहा जाता है। झरने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं जो कंकरीली या चट्टानी सतह पर होता है।

झरनों का राजा किस राज्य को कहते हैं 

गौरतलब है कि, कर्नाटक में सर्वाधिक झरनों की संख्या होने के कारण इसे ही झरनों का राजा या किंग ऑफ वाटरफॉल कहा जाता है। फेसबुक पेज Karnataka focus पर भी इससे जुड़ी एक पोस्ट की गई है। 

Image Source : FB/@Karnatakafocusफेसबुक पर वायरल पोस्ट।

कर्नाटक में जोग जलप्रपात सबसे ऊंचा और प्रसिद्ध झरना है, जो अपनी शक्तिशाली धारा के लिए जाना जाता है। विशेषकर मानसून के मौसम में इसी खूबसूरती देखते ही बनती है। कुंचिकल जलप्रपात भारत का सबसे ऊंचा झरना है और चारों ओर हरियाली से घिरा हुआ है। शिवनसमुद्र जलप्रपात दो धाराओं में बंट जाता है, जो कई पर्यटकों को आकर्षित करता है। अब्बे जलप्रपात मडिकेरी के पास हरे-भरे कॉफी बागानों में स्थित है। गोकाक जलप्रपात अपनी आकृति और गर्जना में नियाग्रा जलप्रपात जैसा दिखता है। 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें -
सोने की ज्वैलरी पर 999 क्यों लिखा होता है, नहीं जाना तो लाखों का होगा नुकसान; जान लीजिए मतलब 

मटन नल्ली बकरे का कौन सा अंग होता है, दबाकर खाते हैं लोग; जवाब सुनकर दिमाग घूम जाएगा