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आजादी के बाद भारत में सबसे पहला बांध कौन सा बना था ? कहां पर मौजूद है सबसे पुराना डैम

Trending GK Quiz: सोशल मीडिया पर कई तरह के क्विज सामने आते रहते हैं जिनके जवाब आपको यूजर्स को तय समय में देने होते हैं। आज हम भी आपके लिए एक ऐसा ही सवाल लेकर आए हैं।

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Image Source : ICID-CIID.ORG/ भारत का सबसे पहला बांध।

Trending GK Quiz: स्वतंत्र भारत की विकास यात्रा में बांधों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आजादी के बाद देश में बड़े पैमाने पर नदी घाटी परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनमें बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और विद्युत उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लक्ष्य थे। लेकिन सवाल यह उठता है कि आजादी (1947) के बाद सबसे पहला बांध कौन सा था और देश का सबसे पुराना डैम कहां स्थित है? जनरल नॉलेज से जुड़े आयोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं में इस सवाल को जरूर पूछा जाता है। क्या आप इस सवाल का जवाब दे पाएंगे ?

भारत का सबसे पहला और पुराना बांध 

भारत का सबसे पुराना और दुनिया के सबसे पुराने कार्यरत बांधों में से एक कल्लनई बांध (Grand Anicut) है। यह तमिलनाडु के थंजावुर जिले में कावेरी नदी पर स्थित है, तिरुचिरापल्ली से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर। चोल वंश के राजा करिकाल चोल द्वारा दूसरी शताब्दी ईस्वी (लगभग 150 ई.) में बनाया गया यह बांध आज भी पूरी तरह कार्यरत है। इसकी लंबाई 329 मीटर, चौड़ाई 20 मीटर और ऊंचाई करीब 5.4 मीटर है। ऐसा माना जाता है कि शुरुआत में कल्लनई बांध से लगभग 69,000 एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी, हालांकि अब यह लगभग 10 लाख एकड़ (13,20,116 एकड़) भूमि की सिंचाई करता है।

क्यों बनाया गया था ये बांध 

यह बांध मुख्य रूप से सिंचाई के लिए बनाया गया था, जो कावेरी डेल्टा क्षेत्र में लाखों हेक्टेयर भूमि को पानी पहुंचाता है। प्राचीन इंजीनियरिंग की मिसाल यह संरचना 1800 वर्ष से अधिक समय से बिना किसी बड़े बदलाव के सेवा दे रही है। यह दुनिया का चौथा सबसे पुराना जल-व्यवस्था संरचना माना जाता है। स्थानीय लोग इसे चोल वंश की इंजीनियरिंग प्रतिभा का प्रतीक मानते हैं। ये भी बताया जाता है कि, कावेरी नदी में जलस्तर बढ़ने पर, कावेरी शाखा से आने वाली बाढ़ के पानी को एक छोटी सहायक धारा के माध्यम से कोल्लिदम शाखा में मोड़ने के लिए कल्लनई बांध का निर्माण किया गया था। 

क्यों चर्चित ये बांध 

कल्लनई बांध तेजी से इस क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। यह विविध प्रकार के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं का घर भी है। पक्षी प्रेमी बांध के बेसिन में पक्षियों को देख सकते हैं और इन खूबसूरत जीवों की तस्वीरें ले सकते हैं। बांध से चारों ओर पानी का एक भव्य मनोरम दृश्य दिखाई देता है। आसपास के ठंडे और सुहावने मौसम में आप तरोताजा और आराम महसूस करेंगे। लोग अक्सर व्यस्त शहरी जीवन से दूर शांति पाने के लिए यहां आते हैं। 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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