रोज सुबह बाजार में आसानी से मिल जाने वाली अनोखी और अलग-अलग सब्जियों के बारे में तो लोगों को पता ही होता है। मगर, कई सब्जियां ऐसी होती हैं जिनके बारे में लोग कम जानते हैं या फिर उसके नाम की वजह से उसकी खूबी पर गौर नहीं कर पाते हैं। ऐसी ही एक सब्जी मोरिंगा है जिसे सहजन की फली भी कहा जाता है। आमतौर पर इस सब्जी के अंग्रेजी नाम ड्रमस्टिक्स के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं। मगर, क्या आपको पता है कि मोरिंगा को संस्कृत में क्या कहा जाता है ? यदि आपको नहीं पता है तो बता दें कि, मोरिंगा के कई सारे नाम हैं और लगभग हर नाम के पीछे अनोखी वजह छिपी होती है।
मोरिंगा के संस्कृत का नाम
प्राय: मोरिंगा को संस्कृत में शिग्रु या शोभांजन कहा जाता है। मगर संस्कृत शब्दकोश में दी गई सूची के मुताबिक, मोरिंगा के ढेर सारे संस्कृत नाम हैं जो कि, इस प्रकार बताए गए हैं:
- कृष्णगन्धा
- तीक्ष्णगन्धा
- रुचिरञ्जन
- विद्रधिनाशन
- मूलकपर्णी
- नीलशिग्रु
- अक्षीब
- कटुकन्द
इनके अलावा भी संस्कृत शब्दकोश में मोरिंगा के कई नाम बताए गए हैं।
मोरिंगा के संस्कृत नामों के पीछे छिपी वजह
सबसे खास बात ये है कि, मोरिंगा के अलग-अलग संस्कृत नामों के पीछे कोई न कोई वजह है। मसलन, मोरिंगा का 'शिग्रु' नाम इसकी तीक्ष्ण और भेदक खूबी से आया है। ऐसा दावा किया जाता है कि, जैसे बाण तेजी से लक्ष्य भेदता है ठीक वैसे ही शिग्रु शरीर में तेजी से पहुंचकर वात-पित्त-कफ को संतुलित करता है और अनायास आने वाली सूजन को कम करता है। वहीं, 'शोभांजन' नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसे काफी सुंदर और शुभ वृक्ष माना जाता है। इसके अलावा तीक्ष्णगन्धा और कृणगन्धा नाम इसकी काली मिर्च जैसी तेज गंध के कारण पड़ा है। 'मूलकपर्णी' नाम मोरिंगा की पत्तियों में छिपी इनकी खूबियों पर पड़ा है। इसके अलावा 'अक्षीब' नाम आंखों से जुड़े समस्याओं के दूर करने के लिए पड़ा है।
कैसे मोरिंगा का सेवन करते हैं लोग
बता दें कि, लोग मोरिंगा को अलग-अलग तरह से जानते हैं। कोई इसकी पत्तियों के बारे में, तो कोई इसकी डंठलों के बारे में और कोई इनको पाउडर के तौर पर जानते हैं। दावा है कि, भारत की विविध संस्कृतियों में इसे अलग—अलग नाम या रंगत से पहचाना जाता है। अगर सेवन की बात करें तो लोग इसका सेवन अलग-अलग तरह से सेवन करते हैं। कोई इनका पाउडर जूस या पानी में मिलाकर पीता है तो कोई हर्बल चाय के रूप में मोरिंग का सेवन करता है।
गौरतलब है, इसके पहले रोचक तथ्यों की सीरीज में हमने आपको डुप्लेक्स और पेंटहाउस में अंतर भी बताए थे।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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