हमारे देश में आखिरी सेंसस यानी जनगणना साल 2011 में हुई थी। आपको यह तो पता ही होगा कि कोई भी सरकार देश के अंदर जनगणना क्यों करवाई थी और जिन लोगों को नहीं पता, उन्हें बता दें कि सरकार देश में जनगणना करके देश की जनसंख्या और समाजिक-आर्थिक स्थिति का एक डाटा तैयार करवाती है ताकि सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास की नीतियों को सही से लागू करने में सरकार को मदद मिल सके। अब जैसा कि आपने अभी ऊपर पढ़ा कि हमारे देश में आखिरी बार साल 2011 में सेंसस हुआ था तो उस सेंसस के मुताबिक राजस्थान में सबसे ज्यादा किस जाति के लोग हैं, आइए इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं।
राजस्थान में किस जाति के लोग हैं सबसे ज्यादा?
हम सभी यह जानते हैं कि राजस्थान एक ऐसा राज्य है जिसका इतिहास बहुत विशाल और विविधतापूर्ण रहा है। यहां जाति आधारित जनसंख्या जनगणना होती है और इससे हमें यह पता चलता है कि किस राज्य में कौन-सी जाति कितनी संख्या में रहती है। बता दें कि साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में सबसे अधिक आबादी वाली जाति 'जाट' है जो राज्य की कुल आबादी का 14% है। वहीं राजपूत भी राज्य की आबादी का 14% हैं। इसके बाद गुर्जर जाति का स्थान आता है जिनकी आबादी लगभग 9% है।
2011 के मुताबिक राज्य की जनसंख्या
आइए अब इसी क्रम में आपको यह भी बता दें कि साल 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य की जनसंख्या कितनी है। 2011 के अनुसार राज्य की जनसंख्या लगभग 6.86 करोड़ थी। इसका मतलब साल 2001 की जनसंख्या जो 5.65 करोड़ थी, उसमें 1.21 करोड़ की वृद्धि हुई है। राज्य की कुल जनसंख्या में महिलाओं और पुरुषों की संख्या क्रमशः 32,997,440 और 35,550,997 थी। महिलाओं और पुरुषों की जनसंख्या में अंतर 2,553,557 है।
आपको बता दें कि साल 2001 और 2011 की राजस्थान जनगणना की तुलना करने पर पता चलता है कि महिलाओं की संख्या में 2,20,723 की बढ़ोतरी हुई। 2011 के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर लगभग 21.31 प्रतिशत थी। वहीं 2001 के दशक में यह 28.33 प्रतिशत थी।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट से ली गई है और इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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