Aaj Ka Viral Video : विदेशों में कई बार कुछ भारतीय टूरिस्ट ऐसे काम कर देते हैं जिसकी वजह से उन लोगों समेत पूरे देश को काफी शर्मिंदा होना पड़ता है। मगर, इस बार की कहानी काफी अलग है। इस बात की पुष्टि खुद एक कनाडाई शख्स ने की है। दरअसल, एक 18 वर्षीय कनाडाई युवक द्वारा भारतीयों की प्रशंसा करते हुए बनाए गए वीडियो ने ऑनलाइन एक जोरदार बहस छेड़ दी है, जिसमें लोग आप्रवासन, रूढ़ियों और व्यक्तिगत अनुभवों पर बिल्कुल अलग-अलग विचार शेयर कर रहे हैं। होटल में हुई एक घटना के बाद किशोर टायसन हॉकले ने X (पहले ट्विटर) पर यह वीडियो पोस्ट किया और भारतीय युवक से मदद मिलने के बाद उस नौजवान की काफी तारीफ की है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @HockleyTyson नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में उन्होंने बताया कि चाबी कार्ड का सही इस्तेमाल न कर पाने के कारण उनका कमरा लॉक हो गया था। इसके बाद उन्होंने बताया कि कैसे एक भारतीय व्यक्ति ने उन्हें अंदर जाने में मदद की। वीडियो में हॉकले को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “भाई, मैं अपने होटल के कमरे से बाहर लॉक हो गया था, मुझे चाबी का पता ही नहीं चल रहा था। और अंदाज़ा लगाओ कौन आया और मेरी मदद की? एक भारतीय आदमी।”
भारत को ट्रोल करने वालों को दिया जवाब
कनाडाई शख्स ने अपने साथ हुई इस घटना का इस्तेमाल भारतीयों के बारे में सकारात्मक बातें कहने और ऑनलाइन अक्सर देखने को मिलने वाली नकारात्मक टिप्पणियों का खंडन करने के लिए किया। वे आगे कहते हैं कि, “यह सभी भारतीयों के लिए एक संदेश है। और यह उन सभी लोगों के लिए है जो मुझसे तब नाराज हो जाते हैं जब मैं कहता हूं कि भारतीय अच्छे और समझदार लोग हैं। हर समूह में अच्छे लोग होते हैं।” वीडियो क्लिप शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, “एक भारतीय लड़के ने मेरी जान बचाई। इसीलिए कनाडा में हमें और भारतीयों की जरूरत है।”
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने हॉकले का समर्थन किया। कई लोगों ने अपने भारतीय पड़ोसियों, सहकर्मियों और समुदायों के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। एक यूजर ने लिखा, “आप बिलकुल सही हैं, मेरे पड़ोसी भारत के गुजरात से हैं और मैं उन्हें दुनिया की किसी भी चीज के बदले नहीं छोड़ूंगा। बहुत ईमानदार, पेशेवर, विनम्र और मददगार।” दूसरे ने लिखा कि, “मैंने पिछले साल फ्रिस्को में काम किया था। यह बहुत अच्छा है। भारतीय आमतौर पर काफी अच्छे और मेहमाननवाज होते हैं।” हालांकि, कई अन्य लोगों ने किशोर के निष्कर्ष की आलोचना की और कहा कि एक ही बातचीत के आधार पर आप्रवासन या पूरे समुदायों के बारे में राय तय नहीं की जानी चाहिए। एक यूजर ने वीडियो का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “तुम्हारी जान इसलिए बच गई क्योंकि तुम अपने होटल का दरवाजा नहीं खोल पा रहे थे। शायद होटल का मालिक वही था। आज की सबसे बेवकूफी भरी पोस्ट के लिए मेरा वोट तुम्हें ही जाता है!” एक और यूजर ने लिखा कि, “बच गए? आपका मतलब है कि आपने अपना की कार्ड अपने कमरे में छोड़ दिया था और एक कर्मचारी ने उसे खोला ताकि आप वापस अंदर जा सकें।” कुछ लोगों ने यह भी तर्क दिया कि इस स्थिति का राष्ट्रीयता से कोई लेना-देना नहीं है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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