1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. 'गोवा इतना महंगा क्यों है?' बाली और वियतनाम से तुलना कर बोला भारतीय ट्रैवलर, खर्चों के बारे में भी बताया; Video

'गोवा इतना महंगा क्यों है?' बाली और वियतनाम से तुलना कर बोला भारतीय ट्रैवलर, खर्चों के बारे में भी बताया; Video

सोशल मीडिया पर एक भारतीय ट्रैवलर ने गोवा की तुलना बाली और वियतनाम से कर दी। इसके बाद से इस पोस्ट पर काफी चर्चा हो रही है।

गोवा से जुड़ी पोस्ट...- India TV Hindi
Image Source : PEXELS गोवा से जुड़ी पोस्ट वायरल।

एक भारतीय यात्री ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है कि त्योहारों के मौसम में घरेलू पर्यटन इतना महंगा क्यों हो जाता है। एक्स यूजर परिमल ने गोवा, नॉर्थ-ईस्ट और अन्य लोकप्रिय घरेलू स्थलों के लक्जरी स्टे की तुलना बाली, वियतनाम और क्राबी जैसे विदेशी डेस्टिनेशंस से की। उनका पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है।

एक्स पर शेयर ​की गई पोस्ट 

इस पोस्ट को एक्स पर @Fintech03 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। परिमल ने लिखा, “गणित के छात्र के रूप में मेरा एक सच्चा बेवकूफी भरा सवाल है। घरेलू पर्यटन भारत में ठीक उसी समय महंगा क्यों हो जाता है जब सब यात्रा करना चाहते हैं?” उन्होंने पांच रातों की त्योहारी छुट्टी का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, गोवा, नॉर्थ-ईस्ट या अन्य लोकप्रिय जगहों पर पांच स्टार होटल का सिर्फ रूम चार्ज 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। घरेलू फ्लाइट्स भी व्यस्त मौसम में दो से तीन गुना महंगी हो जाती हैं। 

बाली और वियतनाम से तुलना

परिमल ने बताया कि वियतनाम, बाली या क्राबी में समान स्तर के लक्जरी रिसॉर्ट का खर्च पांच रातों के लिए करीब 40,000 से 60,000 रुपये बैठता है। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स महंगी जरूर होती हैं, लेकिन कुल मिलाकर छुट्टी का खर्च सावधानी से प्लान करने पर बराबर या कम भी हो सकता है। उन्होंने सवाल किया, “अब ऐसे में क्या करें? गोवा में स्विमिंग पूल देखने के लिए रात के 35,000 रुपये दें या बाली में उसी पूल के लिए 10,000 से 15,000 रुपये? मैं सच में अर्थशास्त्र समझना चाहता हूं।”

सोशल मीडिया पर बहस

इस पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने होटल रूम की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भारत में अमेरिका, फ्रांस या यूएई की तुलना में होटल रूम बहुत कम हैं। डिमांड ज्यादा होने पर कीमतें आसमान छूने लगती हैं। कुछ ने बताया कि त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में घरेलू पर्यटन की मांग बहुत बढ़ जाती है, जिससे होटल और फ्लाइट्स महंगी हो जाती हैं। 
कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने कहा कि गोवा में प्रीमियम रिसॉर्ट्स की कीमतें 20,000 से 60,000 रुपये प्रति रात तक पहुंच जाती हैं, जबकि वियतनाम या थाईलैंड में समान सुविधाएं आधी कीमत में मिल जाती हैं। ट्रांसपोर्ट, खाना और अन्य खर्च भी विदेश में अक्सर कम पड़ते हैं। कुछ ने Uber-Ola जैसी सुविधाओं की कमी का भी जिक्र किया।

पर्यटन उद्योग पर असर

यह चर्चा भारतीय पर्यटन की मौजूदा स्थिति को उजागर करती है। हाल के वर्षों में कई भारतीय यात्री दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि वहां वैल्यू फॉर मनी बेहतर मिलता है। वियतनाम, थाईलैंड और बाली में सस्ते पैकेज, साफ बीच और अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। घरेलू स्थलों पर हाई सीजन में कीमतों का बढ़ना कई परिवारों को विदेश की तरफ धकेल रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में होटल रूम की सप्लाई डिमांड के मुकाबले कम है। रियल एस्टेट की ऊंची कीमतें, लोन की प्रक्रिया और धीमी रिटर्न भी टैरिफ बढ़ाने में योगदान देते हैं। त्योहारों के समय फ्लाइट्स और होटल दोनों महंगे हो जाते हैं।

सोचने पर मजबूर हुए लोग 

परिमल के सवाल ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर किया है। क्या घरेलू पर्यटन को अधिक किफायती बनाने के लिए कोई कदम उठाए जा सकते हैं? क्या होटल रूम बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने से कीमतें नियंत्रित हो सकती हैं? यह बहस जारी है। कई यात्री अब त्योहारी छुट्टियों के लिए विदेश के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं क्योंकि कुल खर्च लगभग समान रहता है और अनुभव बेहतर मिलता है।
गौरतलब है कि, इससे पहले ऋषिकेश में होटल की कीमतें देख श्रीलंका जाने वाले शख्स की पोस्ट वायरल हुई थी।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें -

'जम्मू-कश्मीर स्विट्जरलैंड जितना ही खूबसूरत है केवल...' यूरोप टूर से लौटी भारतीय महिला ने बताई एक कमी, Video में देखें