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वोटर लिस्ट से नाम गायब, बुजुर्ग ने छोड़ दिया खाना-पीना… बंगाल में SIR के 'डर' से हुई एक और मौत

मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के कागज़ात समेत सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद श्यामल मतदाता सूची के SIR की घोषणा के बाद से ही डरे हुए थे। उनकी पत्नी ने बताया कि वह मुश्किल से खाते थे और लगातार चिंतित रहते थे।।

पश्चिम बंगाल एसआईआर - India TV Hindi
Image Source : PTI (FILE PHOTO) पश्चिम बंगाल एसआईआर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सोमवार को 70 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि उसकी जान पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी चिंता के कारण गई है। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान श्यामल कुमार साहा के रूप में हुई है, जो ताहिरपुर थानाक्षेत्र के कृष्णचकपुर मंडलपारा के निवासी थे।

सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद डरे हुए थे श्यामल

पुलिस ने कहा, ‘‘परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद से श्यामल ने खाना-पीना छोड़ दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज़ थे। हमें मौत की जानकारी मिली है, लेकिन परिवार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई है।’’

पुलिस के मुताबिक जांच से पता चला कि मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के कागज़ात समेत सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद श्यामल मतदाता सूची के SIR की घोषणा के बाद से ही डरे हुए थे। उनकी पत्नी ने बताया, ‘‘वह मुश्किल से खाते थे और लगातार चिंतित रहते थे।।’’

TMC के नेताओं ने परिवार से की मुलाकात

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों ने श्यामल के परिवार से मुलाकात की। श्यामल फेरीवाले थे। पश्चिम बंगाल में 23 वर्षों के अंतराल के बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण जारी है। राज्य में पिछला SIR 2002 में हुआ था।

SIR के खौफ से खुदकुशी कर रहे लोग

पुलिस के अनुसार, SIR  की घोषणा के बाद से, ‘‘मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से बाहर किए जाने के डर से’’ पश्चिम बंगाल में कई लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया से उत्पन्न घबराहट ने कई लोगों को परेशानी में डाल दिया है। भाजपा ने इस आरोप को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया है। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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