पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्तूबर (मंगलवार) को उपचुनाव है। इन दोनों ही सीटों पर आज प्रचार का आखिरी दिन है। आज के बाद चुनावी प्रचार-प्रसार का शोर समाप्त हो जाएगा। प्रचार समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए अंतिम प्रयास कर रहे हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने गुरुवार से ही चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे प्रचार में छूटे हुए समय की भरपाई करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्हें 18 सितंबर को नंदीग्राम में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े छह मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ भी चुनाव प्रचार में सक्रिय
प्रधान नंदीग्राम के लगभग हर हिस्से का दौरा कर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। वहीं उनके विरोधियों ने भी अंतिम दिनों में अपना प्रचार तेज कर दिया है। भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ भी चुनाव प्रचार में काफी सक्रिय हैं, जिन्हें सीनियर पार्टी नेताओं द्वारा उनके समर्थन में रैलियों को संबोधित करने से और मजबूती मिली है।
चंद्रनाथ रथ की मां को बनाया गया उम्मीदवार
मुख्यमंत्री अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक दो दिन बाद कर दी गई थी। उनकी मां की उम्मीदवारी को कांग्रेस ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में उनकी उम्र और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के साल में कथित विसंगति का आरोप लगाया गया था, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी है।
मुख्यमंत्री अधिकारी रविवार को नंदीग्राम में उनके समर्थन में रैलियां कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा, वामपंथी दल, आईएसएफ और ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस भी चुनावी मैदान में हैं।
रेजिनगर में बहुकोणीय मुकाबला
मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में भाजपा, कांग्रेस, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और टीएमसी के दोनों गुटों के बीच बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। रविवार को चुनाव प्रचार तेज है। रेजिनगर उपचुनाव के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार को पिछले महीने 2021 के राज्य चुनावों के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प के पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उपचुनाव 6 अक्टूबर को और 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती
दोनों ही सीटों पर 6 अक्तूबर (मंगलवार) को वोटिंग हैं। चुनाव नतीजें 9 अक्तूबर को आएंगे। ये दोनों उपचुनाव तब जरूरी हो गए, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली कर दी। सुवेंदु ने भवानीपुर के साथ जीता था, जबकि रेजिनगर सीट एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर द्वारा 2026 के विधानसभा चुनावों में दोनों सीटें जीतने के बाद नवादा सीट बरकरार रखने के कारण खाली की गई है।
ये भी पढ़ें:
2021 चुनाव में ममता बनर्जी ने पैर टूटने का किया था नाटक, CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा जांच करेंगे