ममता गुट के विधायक कुणाल घोष पर एक बार फिर हमले का मामला सामने आया है। दरअसल, उत्तरपाड़ा के बाद अब बेलेघाटा में उनके ऊपर हमला किया गया है। इस बार विधायक कुणाल घोष पर उनके ही विधानसभा क्षेत्र में हमला हुआ है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को जब वे उत्तरपाड़ा में ममता की मीटिंग में जा रहे थे, तब कुणाल की कार पर हमला किया गया था।
बाइक गैंग ने किया हमला
आरोप है कि अंडों से हमले के साथ-साथ उनकी कार में रॉड से भी तोड़फोड़ की गई। वहीं अब आज फिर विधायक की कार में तोड़फोड़ का एक और आरोप लगाया गया है। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि एक बाइक गैंग ने उनकी कार को घेर लिया और उस पर हमला किया। कुणाल घोष ने हमले में BJP पर आरोप लगाए हैं।
जान को बताया खतरा
TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा, "आज मुझ पर एक बार फिर जानलेवा हमला हुआ। भगवान की कृपा से ही मैं अभी जिंदा हूं। रविवार को दिन-दहाड़े कोलकाता शहर में, जब मैं एक विधायक के तौर पर किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था, तब मुझ पर हमला हुआ। हमलावर हथियारों से लैस थे; उन्होंने कार का शीशा तोड़ा और रिवॉल्वर दिखाकर मुझे बाहर खींचने की कोशिश की। मेरे सुरक्षाकर्मियों को अपने हथियार निकालने पड़े। सुरक्षा के लिए मैंने अब नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन में शरण ली है और औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें निश्चित रूप से BJP शामिल है और पुलिस निष्क्रिय है; हमें यह भी देखना होगा कि इसमें और कौन-कौन शामिल है। वे क्या चाहते हैं? क्या वे मेरी लाश चाहते हैं? जब तक मैं ज़िंदा हूं, वे कभी भी मुझे अपना रुख बदलने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे।"
पुलिस की भूमिका पर सवाल
बता दें कि शनिवार को कुणाल घोष पर हुए हमले के बाद ममता बनर्जी ने पुलिस और प्रशासन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता के घर तक में तोड़फोड़ की गई है। कुणाल घोष की गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया है, उन पर हमला किया गया है और उन्हें घेर लिया गया है। जीटी रोड से लेकर उत्तरपाड़ा तक लोगों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने से रोका जा रहा है। पुलिस कहां है? प्रशासन कहां है? कुछ भी नहीं किया जा रहा है। अगर प्रशासन खुद कार्रवाई नहीं करता और हर काम ऊपर से आदेश मिलने के बाद ही करना पड़ता है, तो फिर पुलिस की भूमिका क्या है? बंगाल में शांतिपूर्ण बदलाव के लिए कृपया सहयोग करें।
जून में भी हुआ था हमला
इससे पहले जून में भी ममता बनर्जी के घर से निकलते समय कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए थे। यह घटना बनर्जी के घर के बाहर हुई थी। जानकारी के मुताबिक इस मामले में चंदन नाम के एक स्थानीय युवक ने घटना की जिम्मेदारी ली थी। आरोपी ने पत्रकारों से बात करते हुए अपने कृत्य का बचाव किया। अंडे फेंकने वाले युवक ने कहा, "उन्होंने लोगों पर बहुत ज़ुल्म किए हैं। कुणाल घोष भी कुछ कम नहीं हैं। इसलिए, वे इसी के लायक हैं। उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा किया है।"
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