समुद्र में है इस भूतिया जहाज का खौफ, लोगों को अपनी और खींचती हैं आत्माएं; खिड़कियों से झांकते हैं अजीब चेहरे
कार्नैक केवल एक जहाज नहीं बल्कि समुद्र का डरावना रहस्य है। इस जहाज की कहानी जितनी रोमांचक है उतनी ही यह भयानक भी है। कहते हैं कार्नैक की आत्माएं आज भी भटक रही हैं और कई लोगों ने इसे महसूस भी किया है।

Haunted Ship Carnack Story: समुद्र अपने भीतर ना जाने कितनी कहानियां, कितनी त्रासदियां और कितने रहस्य समेटे हुए है। शांत लहरों के नीचे ऐसी दास्तानें भी दबी हुई हैं जिन्हें सुनकर इंसान के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इन्हीं कहानियों में से एक है भूतिया जहाज कार्नैक की दास्तान। यह जहाज अपने समय में शान और ऐश्वर्य का प्रतीक था, लेकिन समुद्र की गहराइयों और अजीब हादसों ने इसे डर और खौफ की परछाई में बदल दिया। कहते हैं, जब किसी जहाज की आत्मा बेचैन होकर समुद्र में भटकने लगे तो वह केवल जहाज नहीं रहता, बल्कि एक श्राप बन जाता है। कार्नैक को भी ऐसा ही श्रापित जहाज माना जाता है।
कार्नैक को कब बनाया गया?
कार्नैक को बीसवीं सदी की शुरुआत में बनाया गया था। यह जहाज यात्रियों और व्यापारियों के लिए बनाया गया था और इसका इस्तेमाल लंबी दूरी की यात्राओं के लिए किया जाता था। देखने में यह जहाज किसी तैरते हुए महल से कम नहीं था। इसमें दर्जनों शानदार कमरे, भव्य डेक और शानदार सुविधाएं थीं। लेकिन, कहते हैं कि समुद्र उस पर सवार होने वालों की किस्मत भी लिखता है और कार्नैक की किस्मत में कुछ और ही लिखा था।
शुरू हुई डरावनी दास्तान
यात्रा शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद कार्नैक एक अजीब हादसे का शिकार हुआ। जहाज पर सवार एक महिला यात्री की अचानक मौत हो गई। कहते हैं कि महिला रात में अपने कमरे से चीखते हुए बाहर भागी, लेकिन डेक पर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों को मौत का कारण समझ नहीं आया। उस रात के बाद यात्रियों ने बताया कि जहाज के गलियारों में महिला की परछाई घूमती हुई दिखाई देती थी। कुछ लोगों ने दावा किया कि देर रात उनके कानों में किसी महिला की चीख गूंजती थी।
जहाज को माना जाने लगा मनहूस
कुछ ही समय बाद कार्नैक को मनहूस जहाज कहा जाने लगा। इसकी यात्रा में रहस्यमयी घटनाएं घटने लगीं। कई यात्रियों ने कहा कि उनके कमरे के दरवाजे अपने आप खुलते और बंद होते रहते हैं। रात में किसी के कदमों की आहट सुनाई देती, लेकिन आसपास कोई नहीं होता। जहाज के इंजन रूम में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि अंधेरे में किसी की परछाई उनके पास से गुजरती है, लेकिन पकड़ने पर कुछ भी हाथ नहीं आता। धीरे-धीरे जहाज को भूतिया जहाज के नाम से जाना जाने लगा।
समुद्र की गहराइयों में समा गया जहाज
आखिरकार वह दिन आया जब कार्नैक अपनी अंतिम यात्रा पर निकला। एक भयंकर तूफान में यह जहाज समुद्र की गहराइयों में समा गया। कहा जाता है कि उस समय जहाज पर सवार दर्जनों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। बचे हुए कुछ लोगों ने दावा किया कि डूबते समय जहाज से डरावनी चीखें सुनाई दे रही थीं। कोई कह रहा था कि जहाज खुद उन्हें समुद्र में खींच रहा है। यह दृश्य इतना भयावह था कि बचे हुए लोगों को जिंदगी भर इसके डरावने सपने सताते रहे।
कार्नैक में हैं आत्माओं का वास
समुद्र में डूबने के बाद भी कार्नैक की कहानी खत्म नहीं हुई। कई जहाजी और मछुआरे दावा करते हैं कि उन्होंने रात के अंधेरे में कार्नैक को पानी पर तैरते देखा है। जहाज अचानक कहीं से प्रकट हो जाता और फिर धुंध में गायब हो जाता है। कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने डेक पर साए जैसी आकृतियां चलते हुए देखी हैं। कई बार जहाज के पास जाने की कोशिश करने वाले नाविक रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए। इन घटनाओं ने कार्नैक की भूतिया पहचान को और गहरा कर दिया।
'गायब हो गया जहाज'
ब्रिटिश नाविकों के एक समूह ने दावा किया कि उनकी नाव के पास अचानक कार्नैक प्रकट हुआ। उन्होंने जहाज पर अजीब रोशनी और परछाइयां देखीं, लेकिन जब वो पास पहुंचे तो पूरा जहाज गायब हो गया। कुछ गोताखोरों ने बताया कि कार्नैक के मलबे के पास जाते ही उन्हें किसी ने पकड़ लिया। उन्होंने जहाज की खिड़कियों में अजीब चेहरों को झांकते हुए देखा। कई मछुआरों ने दावा किया कि कार्नैक की आत्माएं उनके जाल फेंकने से पहले ही मछलियों को भगा देती हैं।
कार्नैक का श्राप
समुद्र के जानकार कहते हैं कि कार्नैक जहाज उन सभी आत्माओं का ठिकाना बन चुका है जो उसके साथ डूब गईं। उनका दर्द, उनकी चीखें और उनका डर आज भी जहाज की लकड़ियों में कैद है। कहते हैं कि अगर कोई जहाज कार्नैक के मलबे के बहुत करीब चला जाए, तो उसका भी वही हाल होता है। इंजन बंद हो जाते हैं, उपकरण बेकार हो जाते हैं और जहाज रहस्यमयी तरीके से समंदर की गहराइयों में खो जाता है।
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