ईरान के सुप्रीम लीडर कहां गायब थे? दुश्मनों को जवाब देने आ रहे हैं मुज्तबा खामेनेई, जान लें तारीख
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई कहां हैं, कैसे हैं, कोई नहीं जानता। बस उनके संदेश आते रहते हैं। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद खामेनेई ने तारीख बताई है कि वो जल्द सबके सामने होंगे।

तेहरान: खाड़ी में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे राउंड की जंग की शुरु हो चुकी है। ऐसे में सुप्रीम लीडर का ना होने की खबर ईरान को इंतकाम के जज्बे को कमजोर कर रही थी और ईरान किसी भी तरह से दुश्मनों को ये मैसेजिंग नहीं चाहता है कि ईरान बिना सुप्रीम लीडर के जंग लड़ रहा है। इसी के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मुज़त्बा खामेनेई के नाम से संदेश आया और अब उन्होंने अपने आने की तारीख भी बता दी है। इस संदेश का साफ मतलब यही है कि ईरान मजबूती से जंग लड़ रहा है और आगे भी दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देगा, उसे घबराने की जरुरत नहीं है। मुज़्तबा को लेकर कोई कन्फ्यूजन न ईरान में हो और न ही अमेरिका और इजरायल को हो, इसीलिए संदेश जारी किए जा रहे हैं।
कब सामने आएंगे मुज्तबा, बता दी तारीख?
मुज़्तबा ने संदेश रिलीज कर दिया है कि आज से ठीक 11 दिन बाद यानी 23 जुलाई को तेहरान की प्रार्थना सभा में वे अपने पिता महरूम अली खामेनेई की शोक सभा में शाम 5 बजे से सात बजे के बीच शामिल होंगे। बता दें कि पूर्व सुप्रीम लीडर और अपने पिता अयातुल्ला अली खामनेई की हत्या के बाद 28 फरवरी के बाद से मुज़्तबा गायब हैं और आज 134 दिन बाद मुज़्तबा ने पहली बार सामने आने की तारीख मुकर्रर कर दी है।
शनिवार को मुज़्तबा ने अपने खैरियत से होने की तस्दीक कर दी थी और पूरे ईरान को चिट्ठी के जरिए अपने वालिद और अल्लाह के रास्ते पर पूरे ईरान को चलने की अपील की थी। मुज़्तबा का लिखित बयान शनिवार को ईरान के सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया था। ईरान ने मुज़्तबा के संदेश को रिलीज कर अमेरिका और इजरायल तक ये मैसेज पहुंचा दिया है कि ये जंग मुज़्तबा ही लड़ रहे हैं। कम से कम अगले 11 दिन तक तो यही ईरान ने मैसेजिंग की है। जब तक मुज़्तबा तेहरान की शोक सभा में दिख नहीं जाते।
पिता की मजलिस ए ताजियत में नहीं दिखे मुज्तबा
अयातुल्लाह खामनेई की 6 दिन तक चली सफर ए आखिरत में भी जब मुज़्तबा नहीं आए तब मुज़्तबा को लेकर सवाल उठने शुरु हो गए थे। सुप्रीम लीडर का ना होने की खबर ईरानियों को मनोवैज्ञानिक तौर कमजोर कर रही थी। अयातुल्लाह सुपुर्द ए खाक हो गए तो भी लगा की मुज़्तबा शायद उनकी ताज़ियत की मजलिस में आएंगे। खबर ये भी फैली की शनिवार को कोम में होने वाली मजलिस ए ताजियत में शरीक होंगे लेकिन वो खबर भी हवा हो गई और मुज़्तबा नहीं आए।
मुज्तबा ख़ामेनई कहां है
28 फ़रवरी को अमेरिका -इज़रायल के जॉइंट स्ट्राइक में अयातुल्लाह ख़ामेनई की मौत हो गई थी कहा गया कि मुज़्तबा भी उस वक्त वहीं बैत रहबरी में मौजूद थे लेकिन बाहर टहलने की वजह से मुज्तबा बच गए। उस दिन से लेकर आजतक मुज़्तबा को किसी ने नहीं देखा न उनकी आवाज़ सुनी। हर बार जब भी मुज्तबा का संदेश आता है तो वो टेक्स्ट फॉर्मेट में आता है। अमेरिका इजरायल के हमले में मुज्तबा के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उनके हाथ-पैर भी बुरी तरह घायल हुए। ये भी कहा जा रहा है कि मुज्तबा का चेहरा इस हद तक ज़ख़्मी हो चुका है वो सामने आ जाएं तो पहचानना मुश्किल हो सकता है। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि किसी सेक्रेट लोकेशन पर इलाज करवा रहे हैं।
क्यों सामने नहीं आ रहे हैं मुज्तबा खामेनेई
दरअसल ईरान का सुप्रीम लीडर मोसाद और सीआईए के हिट लिस्ट में है, इजरायल भी धमकी दे चुका है कि अगर मुज़्तबा दिखता है तो वो उसने मार देंगे। सवाल ये है कि क्या मुज्तबा मोसाद और अमेरिका के हमले की धमकी की वजह से सामने नहीं आ रहे। आखिर मुज़त्बा है कहां अगर सीक्रेट लोकेशन पर है तो वो सीक्रेट लोकेशन कौन सी हो सकती है ।
कहां है मुज्तबा के सीक्रेट लोकेशन
मई 2026 में अमेरिका की ख़ुफ़िया एजेंसी के हवाले से मुज्तबा के लोकेशन को लेकर अंदाज़ा लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक़ , मुज्तबा एक अनजाने लोकेशन पर छुपे हुए हैं, जहां उनका बाहरी दुनिया से बहुत कम संपर्क है। मुज्तबा तक एक जटिल कूरियर नेटवर्क के माध्यम से संदेश पहुंचाए जाते हैं और वो भी अपना संदेश बहुत खुफिया तरीके से बाहर भिजवाते हैं। अब सवाल है कि वो सीक्रेट लोकेशन कौन सी हो सकती है जिसका पता दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मोसाद तक पता नहीं लगा पाई है और न ही सीईए को कोई क्लू मिल पाया है।
क्या मुज्तबा रूस में हैं या नॉर्थ कोरिया में?
मार्च में कुवैती अखबार ‘अल-जरीदा’ ने दावा किया की 28 फरवरी को हुए उस हमले में जिसमें अली खामेनेई की मौत हुई, मुज्तबा भी घायल हुए थे। इसके बाद मुज्तबा को चुपचाप एक रूसी सैन्य विमान से मॉस्को भेजा गया। रिपोर्ट में कहा गया कि मुज्तबा की टांग की सर्जरी सफल रही और फिलहाल वह मॉस्को के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। मॉस्को में उन्हें पुतिन के घर के पास ही एक निजी अस्पताल में रखा गया। हालांकि ईरान ने इन खबरों को खारिज कर दिया था।
मुज्तबा के लिए नॉर्थ कोरिया सबसे सेफ जगह है तो क्या मुज़्तबा नॉर्थ कोरिया में छिपे हुए हैं। इस पॉसिबिलिटी के पीछे वजह भी है क्योंकि जब अमेरिका इजरायल ने ईरान पर हमला किया था उस वक्त खुलकर किम जोंग ने मुज़्तबा का साथ दिया था और अमेरिका इजरायल के हमले की निंदा की थी।
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