अमेरिका और इज़राइल ईरान पर फिर से बड़े हमले करने की तैयारी कर रहे हैं। इन सैन्य अभियानों की शुरुआत 27 अक्टूबर को होने वाले इज़राइली चुनावों से पहले हो सकती है। 'ड्रॉप साइट' ने गुरुवार को वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अपने बयान में, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका द्वारा हमले करने की किसी भी योजना से इनकार किया है। लेकिन यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब राजनयिक प्रयास ठप पड़े हैं और मध्य पूर्व की ओर अमेरिकी सैन्य संसाधनों को भेजे जाने की खबरें हैं, जिससे खाड़ी में एक बार फिर से युद्ध तेज होने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका ने शुरू कर दी है सैन्य तैनाती
एक अमेरिकी अधिकारी ने 'ड्रॉप साइट' को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बड़े पैमाने पर युद्ध अभियानों को फिर से शुरू करने की मंजूरी मिलने की उम्मीद है, और इसी के मद्देनजर सैन्य संसाधनों को तैनात किया जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा, "CENTCOM बड़े पैमाने पर युद्ध अभियानों को फिर से शुरू करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर रहा है।"
हालांकि, अधिकारी को इस बात पर संदेह था कि इज़रायली चुनावों से पहले हमले शुरू हो जाएंगे। अधिकारी ने आगे कहा, "हमने अपने सभी संसाधनों की पूरी तैयारी के बिना ही 'एपिक फ्यूरी' (Epic Fury) की शुरुआत कर दी थी।"
'यूएसएस थियोडोर रूज़वेल्ट' एयरक्राफ्ट कैरियर और 13वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट इस क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं, जिनके साथ लगभग 10,000 अतिरिक्त नाविक और मरीन आ रहे हैं। अमेरिका के दो अन्य एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से ही अरब सागर में मौजूद हैं।
व्हाइट हाउस ने दावे को किया खारिज
व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने रिपोर्ट में किए गए इस दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका जल्द ही कोई कार्रवाई करने वाला है। उन्होंने 'ड्रॉप साइट' (Drop Site) से कहा: "अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेगा।"
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी, जनरल मोहसेन रेज़ाई ने 'ड्रॉप साइट' को बताया कि तेहरान के पास इस पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संसाधनों के खिलाफ मिसाइलें और ड्रोन दागने की क्षमता है। रेज़ाई ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर संघर्ष फिर से शुरू होता है, तो हमारे पास एक व्यापक योजना होगी। सभी को यह समझ लेना चाहिए कि ईरान के खिलाफ कोई भी कदम उठाने की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अगर कूटनीति के जरिए यह बात समझाई जा सके, तो हम कूटनीति को ही प्राथमिकता देंगे। लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाब देने के लिए जरूरी साधन मौजूद हैं।"
ईरान ने कहा-इस बार हमला भीषण होगा
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक प्रकाशन को बताया कि तेहरान के खुफिया आकलन के अनुसार, इजरायल में मतदान से पहले बड़े पैमाने पर बमबारी होने की प्रबल संभावना है। अधिकारी ने बातचीत रुकने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर कोई कदम नहीं उठाया है, और बातचीत ठप हो गई है।"
अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर लड़ाई फिर से शुरू होती है, तो जान-माल का नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है। अधिकारी ने चेतावनी दी, "अगर ईरान के खिलाफ एक और युद्ध छिड़ता है, तो इस क्षेत्र के देशों में अमेरिकी सेना की तैनाती के तौर-तरीकों को देखते हुए, उनके (अमेरिकी पक्ष के) नुकसान का आंकड़ा दस गुना ज्यादा होगा।"
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