मक्का: सऊदी अरब में होने वाली वार्षिक हज यात्रा के लिए दुनियाभर से करीब 15 लाख मुसलमान यहां पहुंच चुके हैं। इस बार ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें एक भी ईरानी नागरिक नहीं है। हज के लिए आए लोगों की संख्या से यह पता चलती है कि पिछले साल हुए हादसे का इस यात्रा पर कोई असर नहीं हुआ है।
मक्का में तापमान के 40 डिग्री से पार पहुंचने के बाद हज यात्री मस्जिद अल-हरम के एयरकंडिशंड कॉम्प्लेक्स में जमा होकर काबा के चक्कर लगाते हैं। इस सप्ताह शनिवार से शुरू हो रहे हज के पहले चरण में सफेद कपड़े पहने यात्री काबा का चक्कर लगाएंगे और यह 24 घंटे तक चलेगा। जो यात्री चलने-फिरने में हैं, उनको कामगार वीलचेयर में मस्जिद का चक्कर लगवाएंगे। समान दूरी पर लगे नलों से यात्रियों को पीने के लिए झरने का पानी मिलेगा और वे लोग परिसर में ही बने कमर्शल सेंटर में खाना-पीना भी कर सकते हैं। यहां के कमर्शल सेंटर में खरीददारी की भी व्यवस्था है, लेकिन नमाज का समय होने पर सारी दुकानें बंद हो जाती हैं और यात्री दुआ मांगने में जुट जाते हैं।
मस्जिद अल-हरम के मेन गेट के बाहर सउदी पुलिस हरे रंग के प्लास्टिक ब्रेकर्स के जरिए यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित में रख रही है। आप जैसे ही लाइन से बाहर जाते हैं, पुलिस मेगाफोन पर आवाज लगाकर आपको सीधी लाइन में जाने को कहती है। नमाज के वक्त काबा तक लोगों का जाना बंद कर दिया जाता है, साथ ही उसका चक्कर लगाना भी रोक दिया जाता है ताकि लोगों को जगह मिल सके। तेहरान और रियाद के बीच सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर मई में हुई वार्ता विफल होने के कारण करीब तीन दशक के बाद पहली बार ईरान से कोई भी हज यात्रा के लिए नहीं आया है।
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