इस्लामाबाद: पाकिस्तान में लगभग 5 करोड़ लोग मेंटल डिसऑर्डर यानी मनोविकार से जूझ रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इसमें लगभग 2 करोड़ बच्चे और 1.5 से 3.5 करोड़ के बीच वयस्क शामिल हैं। इस तरह से देखा जाए तो मेंटल डिसऑर्डर से पीड़ित पाकिस्तानियों की संख्या 3.5 करोड़ से 5.5 करोड़ के बीच है।
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पाकिस्तान की जनसंख्या लगभग 20 करोड़ है, और रिपोर्ट को सही माना जाए तो लगभग 25 प्रतिशत, यानी हर चौथा पाकिस्तानी मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है। आगा खान यूनिवर्सिटी (AKU) में मनोचिकित्सा विभाग की चेयरपर्सन डॉक्टर आयशा मियां ने एक सेमिनार में कहा कि मुल्क की आबादी की 10 प्रतिशत जनसंख्या यानि लगभग 2 करोड़ बच्चों के मानसिक स्वास्थ पर ध्यान देने की जरूरत है।
डॉक्टर आयशा ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार लोगों के बारे में आमतौर पर यह समझा जाता है कि वे हिंसक होते हैं। वहीं उनके बारे में एक आम राय यह भी है कि वे दूसरों से अलग दिखते हैं, कभी ठीक नहीं हो सकते और न ही समाज के लिए कभी कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की दकियानूसी बातों के चलते ही इस विकार से पीड़ित लोगों को नॉर्मल होने में समस्या पेश आती है।
डॉक्टर आयशा ने कहा कि कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मेंडल डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति गुनहगार कम पीड़ित ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सोशल बायस के खिलाफ लड़ाई में मीडिया को सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों, दोस्तों और समाज के लोगों को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए ताकि उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हो सके।
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