काबुल: अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पिछले सप्ताह ट्रक हमले में मारे गए लोगों की संख्या 150 पर पहुंचने की घोषणा करते हुए आज तालिबान को चेतावनी दी कि या तो वे शांति अपनाएं या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। अफगानिस्तान में आए दिन हो रहे हमलों के विरोध में लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं और सुरक्षा देने में नाकाम रहने के कारण गनी की तीखी आलोचना के साथ ही उनकी सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। (जनता के कड़े एतराज के बावजूद जापान ने शुरू किया परमाणु रिएक्टर)
राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन में सुरक्षा की कड़ी अपील की है। इस सम्मेलन में करीब 24 देशों ने भाग लिया है। राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत बख्तरबंद गाडि़यां सड़कों पर गश्त लगा रहीं हैं और लड़ाकू विमान आसमान से निगरानी में लगे हुए हैं।
गनी ने कहा, हम शांति के लिए एक मौका दे रहें हैं लेकिन यह ऐसा प्रस्ताव नहीं है जो कभी समाप्त ही नहीं होगा। उन्होंने कहा, वक्त निकलता जा रहा है, यह आखीरी मौका है इसे स्वीकार करो अथवा परिणाम भुगतो। काबुल प्रक्रिया नामक इस सम्मेलन का मकसद शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बनाना है। तालिबान के फिलहाल गनी की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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