वाशिंगटन: एक नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि राजनीतिक रूप से अस्थिर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र पर पहले से भी कहीं अधिक तीव्रता वाले भूकंप का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका स्थित मियामी विश्वविद्यालय के रोसेनस्टीयल स्कूल ऑफ मरीन एंड एटमॉस्फेरिक साइंस के वैग्यानिकों ने क्षेत्र में भीषण भूकंप के खतरों से जुड़े भयावह निष्कर्ष जारी किए हैं।
इस अध्ययन में भूकंप के लिहाज से दो बेहद संवेदनशील फॉल्ट चमन और गाजाबैंड पर ध्यान केंद्रित किया गया। अध्ययन के शीर्ष लेखक हेरेश फतही ने कहा, हालांकि ये स्थान ऐसे क्षेत्र में हैं, जहां राजनीतिक स्थिति इन जमीन आधारित आकलनों को खतरनाक और असंभव बना देती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के उपग्रह एन्वीसैट और इंटरफेरोमेट्री द्वारा वर्ष 2004-2011 के बीच जुटाए गए आंकड़ों की मदद से शोधकर्ता जमीन और उसके नीचे मौजूद फॉल्ट की सापेक्ष गति का आकलन कर सके।
यह अध्ययन दिखाता है कि इंडियन और यूरेशियन प्लेटों के बीच होने वाली आधे से ज्यादा सापेक्ष गति गाजाबैंड फॉल्ट में है। यह दर्शाता है कि यहां जमा होने वाला तनाव और अधिक तीव्रता के भूकंप की संभावना पहले सोची गई तीव्रता से कहीं ज्यादा है। चमन फॉल्ट में भी प्लेटों की सापेक्ष गति का एक बड़ा हिस्सा है लेकिन उपग्रही आंकड़े दर्शाते हैं कि यह संभवत: इसका एक तिहाई ही हो। यह अध्ययन जियोफिजीकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।
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