नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हिरोशिमा यात्रा के दौरान कहा है अमेरिका हिरोशिमा और नागासाकी पर एटम बम गिराने के लिए कोई माफी नहीं मांगेगा। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा से दो पूर्व दुश्मनों के रिश्ते दोस्ताना होने की तरफ बढ़ेंगे लेकिन इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने 1945 में जापान पर अगस्त 6 और 9 को दो शहरों पर किए एटमी हमलों के लिए किसी तरह की माफी मांगने की बात सिरे से खारिज कर दी। ओबामा ने कहा कि हिरोशिमा यात्रा के दौरान परमाणु बम हमलों को लेकर कोई माफी नहीं मांगी जाएगी।
ओबामा अमेरिका के पहले राष्ट्रपति हैं जो परमाणु हमले के बाद पहली बार हिरोशिमा जाएंगे। उनके साथ जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे भी होंगे।
जापान के नेशनल ब्रॉडकास्टर NHK को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि संघर्ष के दौर में नेताओं को कई बार कड़े फैसले करने पड़ते हैं और इसमें किसी तरह की माफी की गुंजाइश नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि युद्ध के बीच नेताओं को हर तरह के फैसले करने पड़ते हैं और यह इतिहासकारों का काम है कि वह सवाल करें और जांच करें।
हिरोशिमा और नागासाकी पर एटमी हमलों में 1,40,000 लोगों की जाने गईं थी।
6 अगस्त 1945 के दिन हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम के तुरंत बाद हजारों की मौत हुई थी जबकि साल खत्म होने तक ये संख्या 1,40,000 तक पहुंच गई। नागासाकी पर 9 अगस्त को परमाणु बम गिराया गया था। जापान ने इसके 6 दिन बाद आत्मसमर्पण कर दिया था।
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