बीजिंग: चीन ने आज अमेरिका से कहा कि वह चीनी तटों के आसपास बार-बार की जा रही जासूसी बंद करे, क्योंकि इससे चीन की हवाई व समुद्री सुरक्षा को गंभीर खतरा है। चीन ने गुस्से के साथ अमेरिका के इन आरोपों का भी खंडन किया कि इसके दो लड़ाकू विमानों ने एक अमेरिकी सैन्य विमान को दक्षिण चीन सागर के आसमान में असुरक्षित रूप से रोका। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, संबद्ध प्राधिकारों से जांच के बाद अमेरिका ने जो कहा वह सच नहीं है।
अमेरिका का आरोप, चीनी विमान खतरनाक ढंग से उसके समुद्री टोही प्ले के करीब आ गए
होंग का जवाब पेंटागन के आरोप पर आया है जिसके मुताबिक चीनी विमान इसके समुद्री टोही विमान के खतरनाक रूप से करीब आ गए थे। होंग ने बताया कि 17 मई को एक अमेरिकी ईपी 3 टोही विमान जासूसी गतिविधियों के लिए चीन के हेनान द्वीप के पास से गुजरा था। दो चीनी विमानों ने इसका पीछा किया और कानून के मुताबिक इसकी निगरानी की तथा अमेरिकी विमान से सुरक्षित दूरी बनाए रखी।
चीन ने दी सफाई, चीनी विमानों ने नहीं की कोई खतरनाक हरकत
होंग ने कहा कि चीनी विमानों ने कोई खतरनाक हरकत नहीं की। चीनी विमानों ने जो कुछ किया वह वह पूरी तरह से विशेषज्ञता के साथ और सुरक्षित था। उन्होंने कहा, हम अमेरिका से जासूसी गतिविधियों को फौरन बंद करने और दोबारा ऐसी चीजें करने से बचने को कहते हैं। एक हफ्ते के अंदर अमेरिका और चीन की सेना के बीच यह दूसरी तकरार है। इससे पहले चीन ने लड़ाकू विमानों को भेजा था जब एक अमेरिकी नौसैनिक पोत दक्षिण चीन सागर मंे चीन के दावे वाले एक द्वीप के करीब जा पहुंचा था।
Latest World News