बीजिंग: चीन में 18 अक्टूबर से होने वाले सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक 19वें नेशनल कांग्रेस ऑफ द कम्युनिस्ट पार्टी की तैयारियों और इसमें होने वाले व्यवधान से निपटने के मद्देनजर अधिकारियों ने फिल्मों का प्रदर्शन रोक दिया है और बीजिंग के एक बड़े बाजार को दूसरे प्रांत में भेज दिया गया है। चीन ने इसी कड़ी में पिछले माह लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार को इसकी निगरानी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बीजिंग ने इसी दिशा में कदम उठाते हुए राजनीतिक अफवाहबाजों पर शिकंजा कसा है और भारत, उत्तर कोरिया व म्यांमार से लगी अपनी सीमा के पास सुरक्षा बढ़ा दी है।
5 वर्ष में एक बार होने वाले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के प्रतिनिधिमंडल की बैठक पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। बंद कमरे में होने वाली इस बैठक में देश का नेतृत्व संभालने के लिए शीर्ष नेता का चयन होता है। वर्ष 1921 में स्थापित CPC 9 करोड़ पार्टी सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। CPC की इस बैठक में सबकी निगाहें राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर रहेगी और माना जा रहा है कि उन्हें दोबारा पार्टी का महासचिव चुना जाएगा, ताकि वह वर्ष 2022 तक देश की कमान संभाले रहेंगे।
इसके अलावा पोलितब्यूरो स्टैंडिंग कमिटी (PSC) में भी फेरबदल होगा। इसके सात सदस्यों में से 5 के 68 वर्ष या इससे अधिक उम्र के होने की वजह से सेवानिवृत्त होने की संभावना है। PSC में 68 वर्ष सेवानिवृत्ति की गैर आधिकारिक उम्र है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग (64) और प्रधानमंत्री ली केकियांग (62) PSC के सदस्य हैं। शक्तिशाली केंद्रीय समिति में इसके 200 सदस्यों के फेरबदल का भी फैसला होना है। हू जिंताओ के बाद वर्ष 2012 में पार्टी के महासचिव और चीन के राष्ट्रपति बने जिनपिंग चीन में इस दशक के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं। पिछले वर्ष पार्टी ने उन्हें माओ जेडोंग और डेंग जियाओपिंग के बाद 'कोर' के टाइटिल से नवाजा था।
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