बीजिंग: चीन ने आज कहा कि इसे दक्षिण चीन सागर (एससीएस) में देशों के बीच सामान्य सैन्य सहयोग पर कोई आपत्ति नहीं है बशर्ते कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहायक हो। विवादित सागर के पास अमेरिका और जापान के साथ मालाबार सैन्य अभ्यास में भारत की भागीदारी पर बीजिंग के चिंता जताए जाने के कुछ दिनों बाद चीन ने यह कहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, सामान्य सैन्य अभ्यास पर आपत्ति नहीं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, हमने संबद्ध रिपोर्ट का जिक्र किया है। सामान्य सैन्य सहयोग को ध्यान में रखते हुए हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है। हमें आशा है कि इस तरह का सैन्य सहयोग शांति एवं क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहायक है।
पहले एक चीनी अधिकारी ने कहा था भारत का साउथ चाइना सी में सैन्य अभ्यास चिंताजनक
चीन के एक अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि भारतीय जहाज दक्षिण चीन सागर में सैन्य अभ्यास में भाग ले रहे हैं जो चिंता का विषय है। अधिकारी ने कहा कि बांटो और राज करो की औपनिवेशिक तरकीब का इस्तेमाल किया जा रहा। अधिकारी ने पिछले हफ्ते नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था, दक्षिण चीन सागर में जब कभी संकट होता है, भारत चिंतित होता है। दक्षिण चीन सागर में समुद्री सैन्य अभ्यासों में जब भारतीय जहाज भाग लेते हैं, तो बेशक चीन चिंता जाहिर करेगा।
भारत-अमेरिका के साथ जापान-ऑस्ट्रेलिया मिलें, यह चीन को मंज़ूर नहीं
गौरतलब है कि अमेरिका इस सैन्य जापान को शामिल करने पर जोर देता आया है। वह खुद को, भारत, जापान और आस्ट्रेलिया को शामिल कर एक चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता के लिए भी जोर दे रहा है। चीन नहीं चाहता कि ऐसा चतुर्भुज बने, क्योंकि इससे भारत को घेरने और साउथ चाइना सी पर अपना दावा मज़बूत करने के उसके मनसूबों पर पानी फिर सकता है। यही वजह है कि खुद साउथ चाइना सी में सैन्य अभ्यास करना वाला चीन अन्य देशों को ऐसा करने से रोकना चाहता है।
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