चेंगदू: चीन की एक आपदा राहत एजेंसी भूकंप का समय रहते पता लगाने के लिए एक अर्थक्वेक अर्ली वार्निग सिस्टम (ईईडब्ल्यूएस) के विकास में नेपाल की मदद कर रही है। नेपाल ने चार महीने पहले एक भीषण भूकंप का सामना किया था, जिसमें हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। दक्षिण-पश्चिम चीन स्थित सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू में इंस्टीट्यूट ऑफ केयर-लाइफ इस प्रणाली का ठेकेदार है, जहां स्कूलों व समुदायों के लिए ईईडब्ल्यू संदेश प्राप्त करने के लिए 120 सेंसर, एक केंद्रीय संयंत्र तथा कई टर्मिनल लगे हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ केयर-लाइफ के निदेशक वांग टून ने कहा कि सेंसर नेपाल का एक तिहाई हिस्सा कवर कर सकता है। वांग ने कहा कि अगर यह प्रणाली 25 अप्रैल को मौजूद होती, तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती थी, क्योंकि भूकंप से 18 सेकंड पहले ही यह उसकी जानकारी दे देती। उल्लेखनीय है कि नेपाल में 25 अप्रैल को आए 8.1 तीव्रता के भूकंप से लगभग नौ हजार लोगों की जान चली गई, जबकि 22 हजार लोग घायल हो गए। नेपाल अकादमी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति जीबा राज पोखरेल ने आशा जताई कि यह प्रणाली जल्द ही काम करना शुरू कर देगी। सिचुआन प्रांत में साल 2010 में भीषण वेंचुआन भूकंप के बाद चीन ने खुद का ईईडब्ल्यूएस प्रणाली बनाने की शुरुआत की थी। यह प्रणाली देश के 21 लाख वर्ग किलोमीटर दायरे को कवर करती है।
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