इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक छोटू गैंग ने सेना के सामने समर्पण किया है। इस गैंग ने लगभग तीन सप्ताह तक सेना की नाक में दम किया हुआ था। पाकिस्तानी सेना ने इस छोटू गैंग के लोगों पर हेलिकॉप्टर से हमला किया। यह गैंग नदि में बने टापू पर शरण लिए था। हेलीकॉप्टरों से हमले किए जाने पर घबराकर गैंग के सरगना गुलाम रसूल उर्फ छोटू ने अपने 70 से ज्यादा साथियों के साथ सेना के सामने समर्पण कर दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने राजनपुरा क्षेत्र में गैंग के खिलाफ सफल अभियान के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सेना ने जर्ब-ए-अहान नामक अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि गैंग ने जिन 24 पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया था उन सब को रिहा करा लिया गया है। बाजवा ने कहा कि सेना इस क्षेत्र को तब तक खाली नहीं करेगी जब तक कि हमलावरों का पूरी तरह से सफाया नहीं कर दिया जाता।
इससे पहले सेना ने मंगलवार को गिरोह के सदस्यों और उनके परिवार को चारों तरफ से घेर लिया था। अंतिम कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सेना ने समर्पण को कहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि छोटू और उसके साथी इस शर्त पर सेना के सामने हथियार डालने को राजी हुए कि उन्हें पुलिस के हवाले नहीं किया जाएगा। पाकिस्तानी सेना से लोहा लेने वाला यह गिरोह स्थानीय कबीलों, सांसदों और कई प्रतिबंधित धार्मिक संगठनों का समर्थक होने का दावा करता है। सुरक्षा बलों ने इनके सौ से ज्यादा साथियों को भी गिरफ्तार किया है।
Latest World News