पाकिस्तान में कोरोना वायरस के ताजा मामले शुक्रवार को बढ़कर 1300 तक पहुंच गए जिसमें जिनमें सिंध में 441, पंजाब में 427 और बलूचिस्तान में 131 हैं। वायरस की वजह से 9 लोगों की भी जान चली गई है, जबकि 23 लोग ठीक हो गए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इसकी जानकारी दी। पाकिस्तान ने उन क्षेत्रों को सील करने का फैसला किया है, जहां कोरोना वायरस के नए मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस्लामाबाद में भारा काहू, चक शहजाद और रामशा कॉलोनी सादिकबाद के कुछ हिस्से, ढोक कश्मीरी का एक हिस्सा और रावलपिंडी में सैटेलाइट टाउन का बी ब्लॉक, चरसदा में सोहावा और मंगा गांव के पास मोहरा अकराह को बंद कर दिया गया है। माल वाहक गाड़ियों को छोड़कर, राजमार्गों और मोटरमार्गों पर सभी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मामले के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक जफर मिर्जा ने राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गुरुवार को कहा था कि "कोरोना वायरस संबंधित कर्तव्यों को पूरा करने वाले प्रत्येक स्वास्थ्य पेशेवर को पीपीई की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।"
कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पाकिस्तान की पहले से ही खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और तबाही की शिकार हो सकती है। एक अनुमान में कहा गया है कि देश की 20 करोड़ से कुछ अधिक आबादी में से साढ़े बारह करोड़ लोग गरीबी की रेखा के नीचे जा सकते हैं। अभी देश में पांच से छह करोड़ बेहद गरीब की श्रेणी में हैं। 'जंग' में प्रकाशित रिपोर्ट में यह अंदेशा जताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना आयोग के डिप्टी चेयरमैन मोहम्मद जहांजेब खान की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अंदेशा जताया गया कि कोरोना वायरस के कारण हुई तबाही का भयावह नतीजा पाकिस्तान की जीडीपी को भुगतना पड़ सकता है और देश में अभी गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रही पांच से छह करोड़ की आबादी बारह से साढ़े बारह करोड़ तक पहुंच सकती है।
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