इस्लामाबाद: पाकिस्तान कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सेना बुलाने की तैयारी कर रहा है। उसने सोमवार को कहा कि कोविड-19 मामलों में ताजा वृद्धि से निपटने को लेकर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के कार्यान्वयन के लिये सेना को बुलाया जा सकता है। स्वास्थ्य मामलों के विशेष सहायक डॉ फैसल सुल्तान ने संवाददाताओं से कहा कि गैर-फार्मास्युटिकल प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करके संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''हम इसके लिए सेना की मदद सहित जरूरत के मुताबिक सभी प्रशासनिक मदद लेंगे।'' यह दूसरी बार होगा जब एसओपी को लागू करने में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना को बुलाया जाएगा। सेना को तीसरी लहर के दौरान भी बुलाया गया था जो अप्रैल में चरम पर थी।
पुलिस के साथ सेना के जवानों के सड़कों पर उतरने से अनुपालन काफी बेहतर हुआ था। सुल्तान ने कहा कि मामलों में मौजूदा तेज वृद्धि से निपटने के लिए मास्क पहनना और बड़ी भीड़ लगाने से बचना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आगामी ईद की छुट्टियों में पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए बाहर जाने वाले पर्यटकों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य है।
योजना मंत्री असद उमर देश के 2.7 करोड़ ऐसे नागरिकों को कोविड-19 का वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से अधिक है। असद उमर देश में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए गठित राष्ट्रीय निकाय के प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा कि 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को अधिक खतरा है।
उन्होंने रविवार को एक ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान में उस आयु वर्ग के 56 लाख या 20.6 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ली है। निकाय ने संक्रमण दर में मामूली वृद्धि दर्ज करते हुए लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने को कहा है।
इस बीच, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान ने 1,808 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 9,75,092 हो गई। इसके अलावा 15 और रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 22,597 हो गई है।
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