नई दिल्ली: ढाका के कैफे होली आर्टिजन में हुए आतंकी हमले में नई रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने बंधकों से कुरान की आयतें सुनाने को कहा था। जो ऐसा कर पाए उन्हें छोड़ दिया गया और जो इसमें नाकाम रहे, आतंकियों ने उनको टॉर्चर किया। आतंकियों ने 20 लोगों को बंधक बनाकर उनकी हत्या की थी।
डॉन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों ने जिन लोगों को बंधक बनाया था, उनमें हसनात करीम भी थे। उनके पिता रिजाउल करीम ने बताया कि आतंकियों ने बंधकों से कुरान की एक या दो आयतें सुनाने को कहा था और जो ऐसा नहीं कर पाए उनको टॉर्चर किया गया। हसनात करीम इस कैफे में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक बर्थडे समारोह में शामिल होने गए थे। बाद में आर्मी की तरफ से चलाए गए बचाव अभियान में वह जिंदा बच निकले।
रिजाउल ने अपने बेटे हसनात के हवाले से कहा, 'हमलावर बांग्लादेशी नागरिकों के साथ क्रूर बर्ताव नहीं कर रहे थे बल्कि उन्होंने तो सभी बांग्लादेशियों को रात का खाना भी दिया था। वे सभी लोगों से कुरान की आयतें सुनाने को कह रहे थे ताकि वे उनके धर्म का पता लगा सकें। जिन्होंने एक-दो आयतें सुनाईं उन्हें छोड़ दिया गया और जिन्होंने नहीं सुनाई उनको टॉर्चर किया गया।'
हसनात के मुताबिक, आतंकवादियों ने कैफे में विदेशी नागरिकों को शुक्रवार रात 11 बजे ही मार दिया था जब वे डिनर कर रहे थे।
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