नई दिल्ली: ढाका हमले में पाकिस्तान की ख़ुफ़िया ऐजेंसी ISI के हाथ होने की बात सामने आ रही है। हालंकि हमले के तुरंत बाद ही ISIS ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उसके ही लड़कों ने ढाका हमले को अंजाम दिया है लेकिन बांग्लादेश सरकार का दावा है कि ढाका हमले को IS ने अंजाम नहीं दिया बल्कि ये हमला बांग्लादेश के स्थानीय आतंकियों ने अंजाम दिया है जिन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन हासिल है।
बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्ज़मान ख़ान का दावा है कि ढाका के रेस्त्रां पर हमला IS आतंकियो ने नहीं बल्कि बांग्लादेश के स्थानीय आतंकियों ने अंजाम दिया है। ये वो आतंकी हैं जिन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन हासिल है।
बांग्लादेश के गृहमंत्री का दावा:
सभी सातों आतंकी स्थानीय नागरिक थ जो पढ़े लिखे थे। इनका अमीर परिवारों से वास्ता था और उनका किसी का भी मदरसे से कोई ताल्लुक नहीं था।
गौहर रिज़वी, अंतर्राष्ट्रीय मामलों में बांग्लादेश पीएम के सलाहकार भी मानते हैं कि हमलावर विदेशी नहीं बल्कि स्थानीय थे जिनका मकसद बांग्लादेश के सेक्युलरिज्म पर हमला करना था।
ढाका अटैक के लिए पाक पर शक क्यों?
बांग्लादेश में हरकत-उल-जिहाद-अल इस्लामी (हूजी), जमात-उल-मुजाहिदीन, अंसार-अल-इस्लाम रोहिंग्या विद्रोही गुट और उल्फा एक्टिव हैं। जमात-उल-मुजाहिदीन और ISI के संबंध किसी से छिपे नहीं हैं, वो मौजूदा सरकार को पटरी से उतारना चाहता है। इस हमले में भी इसी संगठन के आतंकी शामिल थे।
ग़ौर तलब है कि कुछ महीने पहले बांग्लादेश में पाकिस्तान दूतावास में काम करने वाले कुछ अधिकारियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निकाला गया था। 2009 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आतंकियों और आतंकी गुटों को उखाड़ फेंकने के लिए जमकर ऑपरेशन चलाया था।
सिर्फ बांग्लादेश सरकार ही नहीं, जानकार भी इस हमले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हाथ होने से इनकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि ISI भारत के साथ ही बांग्लादेश को भी अस्थिर करने में जुटी है। ढाका हमले के बाद भारत को अब और अलर्ट रहने की जरूरत है।
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