काहिरा: इजिप्ट की एक अदालत ने सरकार के एक निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के आरोपी 47 लोगों को मिली पांच साल कैद की सजा को पलट दिया है। इन्होंने लाल सागर के दो द्वीप सउदी अरब को स्थानांतरित करने के फैसले का विरोध किया था। न्यायिक सूत्रों के अनुसार, हालांकि अदालत ने प्रत्येक प्रतिवादी पर 11,200 डॉलर का जुर्माना बरकरार रखा।
सउदी अरब को दो द्वीप देने का विरोध कर रहे थे प्रदर्शनकारी
प्रतिवादियों को अवैध ढंग से विरोध करने, सरकार उखाड़ फेंकने की कोशिश करने, दंगा करने, सरकारी संस्थानों के खिलाफ माहौल भड़काने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में पिछले माह अदालत में लाया गया था। बीते 25 अप्रैल को कई कार्यकर्ताओं ने लाल सागर के दो द्वीपों तिरान और सनाफिर को सउदी अरब को स्थानांतरित करने के सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जताने के लिए रैली निकाली। ये द्वीप 60 साल से अधिक समय से इजिप्ट के नियंत्रण में थे।
पुलिस की परमिशन के बिना इजिप्ट में सड़कों पर प्रदर्शन करने पर है प्रतिबंध
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार सउदी निवेशों के बदले में द्वीपों को बेच रही है। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था और इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। ऐसा माना जाता है कि वर्ष 2014 में राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से यह इजिप्ट का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। वर्ष 2013 में जारी विवादित विरोध प्रदर्शन नियम के अनुसार, इजिप्ट में पुलिस की पूर्व अनुमति के बिना सड़कों पर प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है।
Latest World News