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पांच हजार साल पहले भी ग्रह नक्षत्रों की दशा पर नजर रखते थे चीन के निवासी

बीजिंग: चीन में पुरातत्वविद पांच हजार वर्ष पुराने मिट्टी के बर्तनों के अवशेषों का अध्ययन करके इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि प्राचीन समय में चीन के लोग ग्रह नक्षत्रों की दशा पर नजर रखते

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बीजिंग: चीन में पुरातत्वविद पांच हजार वर्ष पुराने मिट्टी के बर्तनों के अवशेषों का अध्ययन करके इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि प्राचीन समय में चीन के लोग ग्रह नक्षत्रों की दशा पर नजर रखते थे। मध्य हेनान प्रांत स्थित संग्रहालय में विशेषज्ञ मिट्टी के ऐसे बर्तनों को श्रेणीबद्ध कर रहे हैं जिन्हें सूर्य, चंद्रमा, तारा मंडल और सौर आभामंडल और यहां तक की धूमकेतु के चित्रों से सजाया गया है।

चीन में मिले अवशेष दुनिया में खगोल विज्ञान के सबसे पुराने अवशेष

ये अवशेष चीन के मध्य हेनान प्रांत की राजधानी झेंगझाउ के उपनगरीय क्षेत्र स्थित दाहे गांव में मिले हैं। ये नव पाषाण युग के हैं। ये स्थान इसलिए जाना जाता है कि 19वीं सदी में यहां से भविष्यवाणी में इस्तेमाल होने वाली हड्डियां मिली थीं। चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने दाहे गांव के संग्रहालय के क्यूरेटर हू जिंझोंग ने कहा, ये चीन में मिले खगोल विज्ञान के सबसे पुराने अवशेष हैं और हमारा मानना है कि यहां और अवशेष मिलेंगे।

खगोलशास्त्र और कृषि में बीच चीनियों के लिए था नज़दीकी संबंध

पुरातत्वविदों का मानना है कि तारामंडल चित्रों की सजावट इस बात को प्रतिबिंबित करती है कि खगोलशास्त्र और कृषि के बीच नजदीकी संबंध था। हू ने कहा, वे तारों की दिशा पर नजदीकी नजर रखते थे ताकि वे यह पता लगा सकें कि क्या उनका फसल पर प्रभाव होगा और होगा तो कैसे होगा। उन्होंने नियमित स्वरूपों का पता लगाया और उन्हें प्रकृति या स्वर्ग से भय की अपनी प्रकृति दिखाने के लिए दर्ज किया।

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