सिलाकैप: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि इंडोनेशिया में मादक पदार्थ मामले में भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह को मौत की सजा नहीं दी गयी है जिसे बीती रात मौत की सजा दी जानी थी। सुषमा ने ट्वीट किया, इंडोनेशिया में भारतीय राजदूत ने मुझे सूचना दी है कि गुरदीप सिंह को मौत की सजा नहीं दी गई है जिसकी मौत की सजा बीती रात के लिए तय थी।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि भारतीय नागरिक को मौत की सजा क्यों नहीं दी गयी जबकि चार अन्य दोषियों को फायरिंग स्क्वाड ने मौत की सजा दे दी। 48 वर्षीय गुरदीप सिंह का नाम उन 10 दोषियों की सूची में था जिन्हें मौत की सजा दी जानी थी, लेकिन मौत की सजा नहीं दी गई।
सामान्य अपराध मामलों के उप अटार्नी जनरल नूर राचमाद ने संवददाताओं को बताया कि इन लोगों को मध्यरात्रि के ठीक बाद मौत की सजा दी गई। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया एक भारतीय सहित 10 अन्य दोषियों को मौत की सजा क्यों नहीं दी गई। और अभी ये नहीं मालूम चला कि बाकी दस आरोपियों को मौत की सजा मिलेगी या नहीं। इन्हें बचाने के लिए भारत सरकार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है।
सुषमा स्वराज ने कहा था कि मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में इंडोनेशिया में मौत की सजा का सामना करने जा रहे भारतीय नागरिक की जान बचाने के लिए सरकार आखिरी वक्त की कोशिशें कर रही है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार शाम को 48 वर्षीय गुरदीप सिंह के परिवार से फोन पर बात की और उन्हें आश्वस्त किया था कि गुरदीप को बचाने के लिए वे अपनी ओर से पूरे प्रयास कर रही हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया था कि हमारे अधिकारियों ने गुरदीप से मुलाकात की है और हमारे दूतावास ने इंडोनेशिया की सरकार से सभी कानूनी विकल्प देखने को कहा है। उन्होंने कहा कि सिंह के पास इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के पास दया याचका की अपील करने का अधिकार है।
गौरतलब है कि बीते साल ड्रग्स अपराधों के 14 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई थी। इनमें से कई नागरिक विदेशी हैं, जिनमें एक भारत के पंजाब से ताल्लुख रखने वाले गुरदीप सिंह भी शामिल हैं। 48 वर्षीय गुरदीप सिंह को 300 ग्राम हेरोइन की तस्करी करने की कोशिश में इंडोनेशिया में वर्ष 2004 में गिरफ्तार किया गया था।
Latest World News