इस्लामाबाद: अमेरिका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन अफगान तालिबान के साथ शांति समझौते पर बातचीत की खातिर रूपरेखा पर चर्चा के लिए इस सप्ताह इस्लामाबाद में बैठक करेंगे। बीते 23 फरवरी को काबुल में हुई चतुर्पक्षीय समन्वयन समूह (क्यूसीजी) की पहली बैठक बाद यह बैठक अब होने जा रही है। उस बैठक में ऐलान किया गया था कि शांति वार्ता मार्च महीने के पहले सप्ताह से शुरू होगी, लेकिन बातचीत की प्रक्रिया अवरूद्ध हो गई क्योंकि तालिबान ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया।
यह बैठक उस वक्त हो रही है जब हाल के दिनों में अफगानिस्तान में हिंसा में इजाफा हुआ है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि चीन और अमेरिका के विशेष दूत तथा पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी आगामी 18 मई को इस्लामाबाद में मिलने वाले हैं। सूत्रों ने कहा, समूह इसको लेकर चर्चा करेगा कि वार्ता शुरू करने के लिए और ठोस प्रयास कैसे किए जा सकते हैं।
शुरूआत में इस समूह की बैठक तालिबान और अफगान अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद होनी थी, लेकिन पिछले महीने काबुल में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रक्रिया बाधित हो गई। इस विस्फोट में 64 लोग मारे गए थे। समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून: के अनुसार अफगानिस्तान चाहता है कि तालिबान बातचीत के लिए अयोग्य घोषित किया जाए क्योंकि उसने शांति वार्ता में शामिल होने से साफ मना कर दिया है। इस्लामाबाद में अफगान राजदूत उमर जकिलवाल ने कल यहां यह बयान दिया।
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