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पत्‍नी से सेक्‍सुअल संबंध ना बनाने पड़े इसलिए देर रात तक करता था काम

बीजिंग: चीन में एक समलैंगिक व्‍यक्ति का अजीबों गरीब मामला सामने आया है। यु क्वान्हु नाम का समलैंगिक व्‍यक्ति देर रात तक सिफ इसलिए काम करता था क्‍योंकि उसे अपनी पत्‍नी के साथ से‍क्‍सुअल संबंध

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गे की अजब दास्‍तान,बॉयफ्रेंड के लिए वाइफ को दिया तलाक

बीजिंग: चीन में एक समलैंगिक व्‍यक्ति का अजीबों गरीब मामला सामने आया है। यु क्वान्हु नाम का समलैंगिक व्‍यक्ति देर रात तक सिफ इसलिए काम करता था क्‍योंकि उसे अपनी पत्‍नी के साथ से‍क्‍सुअल संबंध ना बनाना पड़ें। यु के परिवार को जब पता चला कि वह समलैंगिक है और यांग के साथ डेटिंग कर रहा है तो उसके परिवार ने उसे मनोवैज्ञानिक के पास भेजने का फैसला कर लिया।  परिवार ने जब उसे जबरदस्ती मनोवैज्ञानिक के पास भेजकर उसे इलाज कराने के लिए बाध्य किया। गौरतलब है कि यु के विवाह के 10 साल हो चुके हैं और उसकी एक बेटी और एक बेटा भी है। लेकिन समलैंगिक स्‍वभाव के चलते वह अपनी पत्‍नी से दूरी बनाता था। परिवार द्वारा मनोवैज्ञानिक सेंटर भेजना भी बहस का विषय बन गया है क्‍योंकि चीन एक ऐसा ऐसा देश है जिसने वर्ष 2001 में समलैंगिकता को मानसिक विकारों की सूची से हटा दिया था।

क्‍या कहना है यु के बॉयफ्रेंड यांग का
सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स से यु के बॉयफ्रेंड यांग ने कहा कि 34 वर्षीय यु क्वान्हु को उसके परिवार वालों ने जबरदस्ती आठ अक्तूबर को सेकेंड पीपुल्स हॉस्पिटल्स ऑफ जुमाडियन में भेज दिया। उसी दिन उसने अपनी पत्नी को तलाक देने का निर्णय किया था। यु के बॉयफ्रेंड का उपनाम यांग है। यु ने जनवरी में यांग के साथ डेटिंग करना शुरू किया था और अप्रैल में उसके परिवार को इसके बारे में पता चला। यांग ने कहा कि उसकी (यु) शादी को 10 साल हो चुके हैं और उसकी एक बेटी और एक बेटा है।

पत्‍नी से सेक्‍सुअल संबंध ना बनाने पड़े इसलिए देर रात तक करता था काम

यांग ने कहा, उसने (यु) शादी इसलिए की क्योंकि उसे लगता था कि शादी शायद उसे बदल देगी। लेकिन वह अपनी पत्नी को प्यार नहीं करता था। वह अक्सर मुझे बताता था कि वह देर रात तक इसलिए काम करता है ताकि पत्नी के साथ सेक्स करने से बचा जा सके।

होमोवाइफ्स बच्‍चों की खातिर तलाक नहीं लेना चाहतीं

चाइना वीमेंस न्यूज समाचारपत्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में लगभग 1.6 लाख होमोवाइफ्स हैं। होमोवाइफ्स शब्द समलैंगिक पुरूषों की पत्नियों के लिए प्रयोग किया जाता है। इनमें से 90 प्रतिशत घरेलू हिंसा का शिकार रही हैं लेकिन उनमें से अधिकतर अपने बच्चों की खातिर तलाक नहीं चाहती।

चीन समलैंगिकता को मानसिक विकार नहीं मानता

चीन ने वर्ष 2001 में समलैंगिकता को मानसिक विकारों की सूची से हटा दिया था। शेनझान के एक वकील हुआंग शेताओ ने बताया कि यु के परिवार वालों की यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कानून का उल्लंघन है जो कहता है कि किसी व्यक्ति को तब तक अपना इलाज कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जब तक कि इस बात के सबूत नहीं हों कि वह खुद को या दूसरो को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा सकता है । चीन के पेरेंट्स, फ्रेंड्स एंड फैमिलीज ऑफ लेस्बियंस एंड गेज (पीएफएलएजी) के संस्थापक अह कियांग ने बताया, यु के प्रमुख मनोचिकित्सक ने कहा कि उसे अस्पताल में भावानात्मक अस्थिरता और लैंगिक रूचि विकार के लिए भर्ती कराया गया था। कियांग, यांग के साथ अस्पताल में यु के पास गए थे।


कियांग ने कहा कि अक्‍सर लोग समलैंगिकता को मानसिक विकार समझ लेते हैं। कई लोगों को समलैंगिकता के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं,विशेषकर ग्रामीण इलाकों में,और वे लोग इस बारें में अधिक जानकारीं भी नहीं रखते हैं। यु का परिवार और अस्पताल की ओर से कोई भी इस बात पर टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं था।

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