पाकिस्तान पहुंचा Fearless Collective
निदा मुश्ताक़ ने बताया कि "मैं दिल्ली बलात्कार कांड पर नज़र रखे हुई थीI विरोध और ख़बरों के बीच मेरी नज़र पड़ी महिलाओं की पोस्टर मुहिम पर जो शक्तिशाली होने के साथ-साथ ख़ूबसूरत भी थी। मैं इससे इतना प्रभावित हुई कि मैंने उनको (पोस्टर) को छपवाकर अपनी दीवार पर लगा दिये जो शायद मैंने किसी और बलात्कार कांड या विरोध के चलते नहीं किया होता।
मैं अच्छे के बारे में हमेशा संबंधित व्यक्ति से बोलती हूं मैंने शिलो को लिखकर पूछा कि क्या वह ऐसा ही कुछ पाकिस्तान में भी कर सकती हैं।"
“मैंने उनसे कहा कि मेरे पास पैसा नहीं है और उन्हें बस से पाकिस्तान आना होगा। हमने उनके लिये बड़ी मुश्किल से उनके लिये वीज़ा का इंतज़ाम किया जिसमें 11 महीने लग गये।"
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