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भारतविद् फलस्तीन की मदद के लिए दान करेंगे पुरस्कार राशि

इस्राइली पुरस्कार पाने वाले विख्यात भारतविद् प्रोफेसर डेविड श्लूमान अपनी करीब 20 हजार अमेरिकी डालर की पुरस्कार राशि गरीब फलस्तीनियों को देंगे।

David Sluman- India TV Hindi
David Sluman

यरूशलम: भारत पर अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित इस्राइली पुरस्कार पाने वाले विख्यात भारतविद्  प्रोफेसर डेविड श्लूमान अपनी करीब 20 हजार अमेरिकी डालर की पुरस्कार राशि दक्षिणी हेबरान पहाडि़यों पर रहने वाले गरीब फलस्तीनियों की मदद के लिए वाम झुकाव वाले एक समूह को देंगे।

आनलाइन वीडियो पोस्‍ट कर दी जानकारी
आनलाइन पोस्ट किये गये एक वीडियो में हिब्रू विश्वविद्यालय के शिक्षाविद् ने वाम झुकाव वाले समूह आयुष को अपनी पुरस्कार राशि देने के निर्णय के बारे में चर्चा की है। साथ ही उन्होंने इस बात को लेकर झिझक भी दिखायी कि उनका पुरस्कार लेना सही भी है कि नहीं क्योंकि उन्हें पुरस्कार देने को लेकर बहस छिड़ी है।

प्रो श्लूमान: फलस्तीनियों की जिंदगी में चाहते हैं बदलाव, भारत से भी है खास लगाव
श्लूमान स्वयं तो आयुष के सक्रिय सदस्य हैं तथा वह पिछले पन्द्रह साल से दक्षिणी हेबरान पहाडि़यों में रहने वाले फलस्तीनियों की जीवन परिस्थितियों में सुधार में मदद के लिए काम कर रहे हैं। उन्हें आज होने वाले इस्राइल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 75 हजार एनआईएस (करीब 20 हजार अमेरिकी डालर पुरस्कार राशि के रूप में प्राप्त होने) वाले हैं।  शिक्षा मंत्री नफताली बेन्नेट ने धार्मिक अध्ययन एवं दर्शन के क्षेत्र में काम करने के लिए 67 वर्षीय श्लूमान को इस्राइली पुरस्कार देने की घोषणा फरवरी में की थी।
 
मीडिया में तीखी बहस
इस घोषणा को लेकर यहां दक्षिण पंथी झुकाव वाले मीडिया में तीखी बहस चल रही है तथा उसका मानना है कि दक्षिणपंथी बहुमत वाली सरकार द्वारा फलस्तीनियों के प्रति संवेदना रखने वाले श्लूमान को पुरस्कार दिया जाना सही नहीं है।

पुरस्कार समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि श्लूमान एक उत्कृष्ट अध्ययनकर्ता हैं जिन्होंने दक्षिणी भारत के धर्म, साहित्य एवं संस्कृति पर नवीन अध्ययन किया है। उन्होंने कहा, वह इस क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय प्रख्यात विशेषज्ञ है तथा उनके कार्य की उत्कृष्टता संस्कृत, तमिल, तेलुगु एवं मलयालम जैसी विभिन्न भाषाओं में उनकी दक्षता के कारण और बढ़ जाती है।

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