सिंगापुर: भारतीय मंदिर ट्रस्ट सहित नौ संरक्षकों को सिंगापुर में भारतीय विरासत केंद्र को 10 साल के लिए बतौर ऋण देवता के सदियों पुराने आभूषण देने और भारतीय संस्कृति के संदर्भ में गहन जानकारी में मदद पहुंचाने के लिए पुरस्कृत किया गया है। सैगॉन (हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम) में करीब 200 साल पहले स्थापित तेंडायुतापानी मंदिर की ओर से सैगॉन चेट्टियर्स मंदिर ट्रस्ट द्वारा बतौर ऋण दिए गए आभूषण में हीरा जडि़त एक गले का हार और कीमती रत्नों से सजा मुकुट शामिल है।
सिंगापुर की संस्कृति, समुदाय एवं युवा मामलों की मंत्री ग्रेस फू ने बताया कि सैगॉन चेट्टियर्स मंदिर ट्रस्ट ने अपने देवता के सुंदर आभूषण ऋण स्वरूप देकर भारतीय विरासत केंद्र (आईएचसी) को उपकृत किया है जिससे हमें भारतीय संस्कृति की कई पहलुओं को गहराई से जानने का मौका मिला। कल आयोजित पुरस्कार समारोह में ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले अश्विन मुथैया ने बताया कि आभूषण 10 साल के लिए ऋण के तौर पर दिया गया है। IHC को भारतीय नेताओं की कांस्य की बनी आवक्ष प्रतिमा दान स्वरूप देने के लिए सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग को सपोर्टर पुरस्कार दिया गया। पारसी अनुष्ठान में काम आने वाले चांदी की वस्तुयें देने के लिये शिरीन और रूस्तम घडियाल तथा सिंगापुर और मलाया में सिख पुलिस तथा सशस्त्र बलों से संबंधित वस्तुओं का संग्रह प्रदान करने के लिये सरजित सिंह को सम्मानित किया गया।
सिंगापुर के पूर्व राष्ट्रपति एस आर नाथन को भी इंडियन नेशनल आर्मी के समूह से संबंधी तस्वीरें एवं प्रकाशन सामग्री में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। आईएचसी में अपने योगदान के लिए पुरस्कृत अन्य हस्तियों में आर गंगातरन देवार, एल तांबिया और गायत्री रॉय का नाम शामिल है। गौरतलब है कि पिछले साल सात मई को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीएन लूंग ने लिट्ल इंडिया में आईएचसी की शुरूआत की थी।
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