नई दिल्ली: फेसबुक पर सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर से मिली प्रेरणा से कराची में ऑटो रिक्शा चलाने वाले असलम पूरी तरह से गायकी में रम गए हैं। ऑटो चलाना छोड़ घर पर ही रियाज शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत वह रोजाना हारमोनियम पर पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली की ठुमरी गजल याद पिया की आए से करते हैं। कुछ दिनों पहले असमल का एक गाना गाते हुए वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया था। जिसे लोगों ने काफी सराहा और साथ ही लता मंगेशकर ने भी उनकी प्रशंसा की थी। अपनी नई शुरुआत पर असलम कहते हैं कि, जब लता मंगेशकर ने मेरी आवाज की तारीफ की तो मैं दंग रह गया और मैंने उसी समय से ऑटोरिक्शा चलाना छोड़ दिया।
असलम का वीडियो जब फेसबुक पर अपलोड किया गया तो लोग जानकर हैरान हो गए थे कि वह एक ऑटो-ड्राइवर हैं। लता मंगेशकर ने कुछ ही घंटे बाद इस वीडियो क्लिप को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया और लिखा कि वह असलम को सुनकर दंग रह गई और वह दुआ करेंगी कि वह माइक्रोफोन के सामने खड़े होकर गाना गाए रिक्शा न चलाएं। असलम (55) के सिर से कम उम्र में ही पिता का साया उठ गया था। पेट पालने के लिए ऑटो चलाने लगा। हालांकि जब भी फुरसत मिलती, खुद को गुनगुनाने से रोक नहीं पाता। समय गुजरता गया। इसी दौरान कराची में किसी ने असलम को गुनगुनाते हुए सुना, उसका वीडियो बनाया और फेसबुक पर अपलोड कर दिया।
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है, जब असलम चर्चा में हैं। इससे पहले 1993 में उन्होंने पाकिस्तान में एक टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। वह इस टैलेंट शो के ग्रांड फिनाले तक पहुंचे। उन्होंने कुछ पाकिस्तानी फिल्मों के गीतों को भी आवाज दी है, लेकिन बीमार पड़ने के कारण यह प्रक्रिया रुक गई थी।
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