तोक्यो: जापान की रक्षा प्रमुख ने आज कहा कि उनका मानना है कि अमेरिका के साथ उनके देश का गठबंधन ट्रंप प्रशासन में भी बना रहेगा क्योंकि इससे दोनों देशों को लाभ मिलता है। रक्षामंत्री तोमोमी इनादा से अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सुझाव के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने जापान से अपना खुद का परमाणु प्रतिरोधी बल बनाने के लिए कहा था। इनादा ने इस सवाल के जवाब में कहा कि जापान अमेरिकी परमाणु छत्र के तले रहने की उम्मीद करता है।
इनादा ने कहा कि गठबंधन के भविष्य के बारे में चर्चा के केंद्र में साझा सुरक्षा क्षमताएं होनी चाहिए न कि वित्तीय बोझ। उन्होंने यह भी कहा कि जापान परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व के अपने नजरिए पर कायम रहेगा। उन्होंने जापान द्वारा अपना खुद का परमाणु बल विकसित किए जाने की धारणा को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, यह (नजरिया) अपरिवर्तित रहेगा। उन्होंने कहा कि जापान विश्व का इकलौता ऐसा देश है, जिसने परमाणु युद्ध का दंश झेला है।
इनादा आज अमेरिकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रख रही थीं। पेंटागन के प्रमुख ने कहा कि यह बैठक सात दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर जापान के हमले की बरसी के दिन आयोजित की जा रही है। इस हमले के बाद अमेरिका दूसरे विश्वयुद्ध में शामिल हो गया था। कार्टर ने कहा, पर्ल हार्बर के महज 75 साल बाद मेरी मित्र एवं समकक्ष मंत्री इनादा और मेरा एक दूसरे के साथ गर्व से खड़े हो पाना और दोनों देशों द्वारा इस क्षेत्र की सुरक्षा को मिलकर मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा कर पाना हमारे गठबंधन और जापानी लोगों के चरित्र की मजबूती का प्रमाण है। कार्टर ने ट्रंप की एशिया नीति की दिशा को लेकर लगाए जा रहे कयासों की ओर इशारा करते हुए कहा, इस क्षेत्र में अमेरिका के हित दीर्घकालिक हैं।
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