कभी बीजिंग को कहते थे किंगडम ऑफ बाइक्स, अब घट गए साइकिल सवार
बीजिंग: बीजिंग के गाओ रू लुंग हर सुबह अपनी साइकिल से कारों की भीड़ और भीषण यातायात को चीरते हुए अपना सफर तय करते हैं, लेकिन जब वह साइकिल लेन पर अपनी साइकिल खड़ी करने

बीजिंग: बीजिंग के गाओ रू लुंग हर सुबह अपनी साइकिल से कारों की भीड़ और भीषण यातायात को चीरते हुए अपना सफर तय करते हैं, लेकिन जब वह साइकिल लेन पर अपनी साइकिल खड़ी करने जाते हैं तो उन्हें वहां भी मौजूद कारों से जूझना पड़ता है। गाओ गुस्से में कहते हैं, "मुझे ऐसा लगता है कि मैं साइकिल लेन में खड़ी कारों को धक्का मार रहा हूं। यह बहुत कष्टदायक है।"
1986 में करीब 63 फीसदी लोग साइकिल की करते थे सवारी
दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर गाओ (46) रोजाना मेट्रो स्टेशन से अपने कॉलेज तक का छोटा-सा सफर तय करते हैं, लेकिन यह अकेले उनकी ही कहानी नहीं है। यह हाल यहां के प्रत्येक साइकिल सवार का है। ये साइकिल सवार जगह की कमी से जूझ रहे हैं। बीजिंग में कारों की बढ़ रही संख्या की वजह से साइकिल सवारों के लिए जगह कम हो गई है। बीजिंग में 1986 में लगभग 63 प्रतिशत लोग साइकिल से सफर करते थे। बीजिंग की आबादी लगभग 2.2 करोड़ है, लेकिन यहां 56 लाख कारें हैं। एक समय में इसे अर्थव्यवस्था की खुशहाली का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब यह बीजिंग के लिए पीड़ादायक बन चुका है। क्योंकि यहां के लोगों को रोजाना प्रदूषण और यातायात जाम से जूझना पड़ता है।
कारों की बढ़ती संख्या वजह से बीजिंग में बढ़ा प्रदूषण
बीजिंग विश्व का सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है। भारी धुंध की चादर ने इस शहर को निगल लिया है। कारों की बढ़ रही संख्या की वजह से सड़कों और साइकिल लेन पर साइकिलें गायब होती जा रही हैं। हालांकि, बीजिंग प्रशासन यहां कारों की बढ़ रही संख्या से इनकार करने की कोशिश करता रहा है। चीन विश्व के सबसे बड़े साइकिल उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन यहां साइकिल सवारों की संख्या लगभग तीन करोड़ घट गई है। सरकार बीजिग में साइकिल लेनों की संख्या बढ़ाकर साइकिल संस्कृति को पुनर्जीवित करना चाहती है।
बरसों पहले बीजिंग को कहते थे किंगडम ऑफ बाइक्स
बीजिंग परिवहन आयोग के डिकन्जेशन विभाग के उपनिदेशक झू तियान ने आईएएनएस से कहा, "बीजिंग में साइकिल चलाना बहुत लोकप्रिय है। जब मैं छोटा था तो बीजिंग को किंगडम ऑफ बाइक्स के नाम से जाना जाता था। निजी कारों और सार्वजनिक परिवहन साधनों की संख्या बढ़ने से साइकिल सवारों की संख्या तेजी से घट रही है।" झू ने कहा, "लेकिन हम यह जानते हैं कि ये साइकिलें प्रदूषण घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हमने 2020 तक साइकिल चालकों के लिए 3,200 किलोमीटर लंबी साइकिल लेन बनाने का फैसला किया है।"
प्रदूषित हवा और कारों की बढ़ रही संख्या साइकिल प्रेमियों के लिए हतोत्साहित कारक हैं। कई लोग मेट्रो में पोर्टेबल और फोल्डिंग साइकिलें लेकर चलते हैं।
बीजिंग में सरकार साइकिल रैक्स को बढ़ाकर करना चाहती है 10,000
चाइना फॉरेन अफेयर्स युनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, "विश्वविद्यालय से मेट्रो तक का सफर काफी सुविधाजनक है, लेकिन उससे इतर नहीं। आजकल अत्यधिक प्रदूषण और यातायात की समस्याओं से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है।" मौजूदा समय में बीजिंग में लगभग 1,900 साइकिल रैक हैं। झू का कहना है कि सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 10,000 तक करना चाहती है। इनमें से अधिकतर मेट्रो स्टेशन और बस अड्डों के पास हैं। कोई भी शख्स सरकार द्वारा जारी कार्ड की मदद से यहां साइकिल लेकर इनका उपयोग कर सकता है। दिन के शुरुआती घंटे में यह निशुल्क है। झू स्वीकार करते हैं कि लोग अवैध तरीके से अपनी कारें साइकिल लेन में पार्क करते हैं। कारों की बढ़ रही संख्या से पार्किं ग में समस्या आ रही है। कुछ कार मालिक दमकल वाहनों की लेनों में भी कारें पार्क कर देते हैं। सरकार ऐसे कार मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी।