इस्लामाबाद: पूर्व पाकिस्तानी तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने यूटर्न लेते हुए कहा है कि उन्होंने देश से बाहर जाने में पूर्व सेना प्रमुख राहील शरीफ से कोई मदद नहीं मांगी थी। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में उनके बयान को मीडिया ने तोड़ मरोड़ कर पेश किया। मुशर्रफ ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया, ना ही मैंने किसी से संपर्क किया, राहील शरीफ ने मुझसे कुछ भी चर्चा नहीं की, ना ही मैंने उन्हें कोई अनुरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते मीडिया को दिए उनके बयान को दुनिया न्यूज ने तोड़ मरोड़ कर पेश किया। मुशर्रफ (73) ने पिछले हफ्ते दुनिया न्यूज पर एक टॉक शो में कहा था, ठीक है उन्होंने (राहील शरीफ) ने मेरी मदद की थी और मैं पूरी तरह से स्पष्ट और आभारी हूं। मैं उनका बॉस रहा हूं और मैं उनसे पहले सेना प्रमुख रहा था, उन्होंने मदद की क्योंकि मामलों को राजनीतिक रंग दिया गया। उन्होंने मुझे निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में डाल दिया, उन्होंने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बना दिया।
घरेलू राजनाीति पर सेना के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कल कहा, पाकिस्तान में सभी संस्थाएं एक दूसरे के साथ मिलकर काम करती हैं, मैंने सेना में 40 साल से अधिक समय दिया है। उन्होंने कहा, मेरे और सेना के बीच जुड़ाव की एक भावना है और यह हमेशा ही ऐसा बना रहेगा। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक अपने लौटने के बारे में गृहमंत्री निसार अली खान के बयान का जिक्र करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी समय सीमा के बारे में जानकारी नहीं है जिसमें उनसे रवानागी के चार से छह हफ्तों में लौटने को कहा गया हो।
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