काठमांडू: दक्षेस के मौजूदा अध्यक्ष नेपाल ने कहा है कि क्षेत्रीय माहौल अगला दक्षेस शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। साथ ही उसने आज कहा कि सदस्य देश इस बात को अवश्य सुनिश्चित करें कि उनके भूभाग का इस्तेमाल सीमा-पार आतंकवाद के लिए नहीं हो।
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शिखर सम्मेलन के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए उपयुक्त माहौल नहीं होने के लिए परोक्ष तौर पर पाकिस्तान पर दोषारोपण करते हुए भारत और चार अन्य देशों के 19 वें दक्षेस शिखर सम्मेलन से अपने हाथ खींच लेने के कुछ दिन बाद नेपाल ने कहा कि उसका मानना है कि सार्थक क्षेत्रीय सहयोग के लिए शांति और स्थिरता का वातावरण जरूरी है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा, नेपाल स्पष्ट शब्दों में सभी स्वरूप में आतंकवाद की निंदा करता है और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपनी एकजुटता का इजहार किया। नेपाल ने कहा कि उसने क्षेत्र में आतंकवाद के सभी कृत्यों की हमेशा निंदा की है।
नेपाल ने कहा, हाल में उसने कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर गत 18 सितंबर को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें कई भारतीय सैनिकों की जान गई थी। नेपाल ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता हासिल करने के लिए दक्षेस के सदस्य देशों को आपस में सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके भूभाग का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए नहीं हो।
वक्तव्य में कहा गया है, नेपाल को खेद है कि क्षेत्रीय वातावरण अगला दक्षेस शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। यह शिखर सम्मेलन पहले 9-10 नवंबर के बीच इस्लामाबाद में होने वाला था। मेजबान पाकिस्तान ने बैठक स्थगित किए जाने के बारे में उसे सूचित कर दिया है।
वक्तव्य में कहा गया है कि वह अगला शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए जरूरी विचार-विमर्श शुरू करेगा। वक्तव्य में कहा गया है, दक्षेस का मौजूदा अध्यक्ष होने के नाते नेपाल दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त क्षेत्रीय वातावरण बनाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। नेपाल सभी सदस्य देशों की भागीदारी के साथ 19 वां शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए जरूरी मंत्रणा शुरू करेगा।
इससे पहले, नेपाल के विदेश मंत्री प्रकाश शरण माहत ने संवाददाताओं से कहा कि नेपाल 19वें दक्षेस सम्मेलन के आयोजन के लिए सदस्य देशों को राजी करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और इन देशों के साथ बातचीत करेगा। माहत कल ही संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की 71 वीं बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद लौटे हैं।
19वां दक्षेस सम्मेलन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में नौ और दस नवंबर को आयोजित होना था। लेकिन शुक्रवार को भारत, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान द्वारा अपने हाथ खींच लेने के बाद इस सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया था। इन देशों ने परोक्ष तौर पर पाकिस्तान पर ऐसा माहौल बनाने का आरोप लगाया था, जो इस बैठक की सफलता के लिए सही नहीं है। बाद में श्रीलंका ने भी इस सम्मेलन से हाथ खींच लिए।
पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से लगातार आतंकवाद फैलाए जाने की बात कहते हुए भारत ने पिछले सप्ताह कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों में, भारत सरकार इस्लामाबाद में प्रस्तावित सम्मेलन में शिरकत करने में असमर्थ है। दक्षेस के सदस्य देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।
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