1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. सिंधु जल संधि में कोई भी बदलाव मंज़ूर नहीं: पाकिस्तान

सिंधु जल संधि में कोई भी बदलाव मंज़ूर नहीं: पाकिस्तान

पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह सिंधु जल संधि में किसी भी प्रकार के बदलाव को मंज़ूर नहीं करेगा। ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को भारत ने कहा कि वह संधि को लागू करने के

Indus Waters Treaty- India TV Hindi
Indus Waters Treaty

पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह सिंधु जल संधि में किसी भी प्रकार के बदलाव को मंज़ूर नहीं करेगा। ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को भारत ने कहा कि वह संधि को लागू करने के मामले में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के मतभेद को हल करने के लिए तैयार है। 

सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी जिसके तहत सिंधु घाटी की व्यास, रवि और सतलज नदी पर भारत जबकि सिंधु, चेनाब और झेलम नदी पर पाकिस्तान का नियंत्रण है। 

प्रधानमंत्री नवाज़ सरीफ़ के विशेष सहायक तारिक़ फ़ातमी ने डॉन से कहा: “पाकिस्तान सिंधु दल संधि के प्रावधानों में किसी भी तरह के बदलाव को स्वीकार्य नहीं करेगा। हमारी स्थित संधि में प्रदत्त सिद्धांतों पर आधारित है और संधि का सम्मान किया जाना चाहिये।”

इसके पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने दिल्ली में मीडिया से कहा कि मतभेदों को हल करने के लिए और समय की ज़रुरत है। “भारत का हमेशा से मानना रहा है कि सिंधु जल संधि को भारत और पाकिस्तान को मिलकर लागू करना चाहिये। हमारा ये भी मानना है कि इस मामले में विचार-विमर्श को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिये।”

लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि भारत पहले की तरह की रणनीति आपना रहा है। वह विवाद के दौरान पहले परियोजना पूरी कर लेगा और फिर कहेगा कि परियोजना पूरी हो गई है और अब इसमें बदलाव नहीं हो सकता।

यह विवाद झेलम की सहायक नदी किशनगंगा (330 मेगावॉट) और रातले ((850 मेगावॉट) पनबिजली परियोजनाओं को लेकर है। भारत किसनगंगा और चेनाब नदियों पर पनबिजली परियोजना बना रहा है जिसे पाकिस्तान सिंधु जल संधि का उल्लंघन मानता है।

बता दें कि साल 2013 में पाकिस्तान ने इसी मुद्दे को लेकर हेग अंतर्राष्ट्रीय अदालत का रुख किया था मुंह की खानी पड़ी थी। तब आग अंतर्राष्ट्रीय अदालत के फैसले के अनुसार अदालत ने पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया और जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा नदी से पानी का प्रवाह मोड़कर विद्युत उत्पादन करने के नई दिल्ली के अधिकार को बरकरार रखा था।

इस मुद्दे पर तनाव पिछले महीने तब बढ़ गया जब प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को पानी रोकने की धमकी दी। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पानी रोक दिया गया तो दोनों देशों के बीच युद्ध हो सकता है।

Latest World News