सोल: उत्तर कोरिया ने आज चेतावनी दी है कि प्योंगयांग और वॉशिंगटन के मध्य बढ़ते तनाव के बीच अगर अमेरिका अगले हफ्ते दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है तो यह आग में घी डालने जैसा होगा। प्योंगयांग ने पिछले महीने दो अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था जिसकी जद में अमेरिका का ज्यादातर हिस्सा आता है। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतानवी दी थी कि वॉशिंगटन उत्तर कोरिया पर आफत की बरसात कर सकता है। (शराब पीकर स्टाफ से दुर्व्यवहार करने के आरोप में लॉ टीचर को विमान से उतारा)
इसके बाद प्योंगयांग ने धमकी दी थी वह अमेरिकी क्षेत्र गुआम की ओर मिसाइलों की झाड़ी लगा सकता है। किम जोंग उन ने धमकी दी थी कि वह इस योजना पर आगे बढ़ सकते हैं और यह वॉशिंगटन के अगले कदम निर्भर करेगा। सोल और वॉशिंगटन सोमवार को उलची फ्रीडम ऑफ गार्जियन संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू करेंगे, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा लेंगे। प्योंगयांग इसे आक्रमण के लिए उकसावे की कार्वाई बता रहा है। उत्तर कोरिया के आधिकारिक रेदोंग सिनमन अखबार के संपादकीय में कहा गया कि संयुक्त सैन्य अभ्यास हमारे खिलाफ शत्रुता की बहुत ही मुखर अभिव्यक्ति है। हमें इस बात की गारंटी कोई नहीं दे सकता कि यह अभ्यास वास्तविक लड़ाई में नहीं बदलेगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास आग में घी डालने के समान होगा और इससे प्रायद्वीप में हालात और बदतर होंगे।
इसमें धमकी दी गई कि इससे प्रायद्वीप में परमाणु युद्ध का अनियंत्रित दौर शुरू हो जाएगा। इसमें कहा गया कि अगर अमेरिका को यह भ्रम है कि इस युद्ध से वे अप्रभावित रहेंगे तो यह बहुत बड़ी गलती होगी। सोल और वॉशिंगटन ने कहा कि 1976 के समय शुरू हुआ यह सैन्य अभ्यास योजना अनुसार ही होगा। सोल के रक्षा मंत्रालय की ओर से मुहैया करवाए गए आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष अभ्यास में करीब 17,500 अमेरिकी जवान हिस्सा लेंगे और यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम है।
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