वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज धर्म की स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस बात को माना कि पूरे अमेरिका में मुस्लिमों के लिए यह चिंता और डर का समय है। साथ ही उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वह दिखा दें कि अमेरिका सच में सभी मतों की रक्षा करता है।
बाल्टीमोर की एक मस्जिद में मुस्लिम समुदाय को दिए अपने ऐतिहासिक संबोधन में ओबामा ने कहा, आतंकवाद से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है कि अमेरिका दिखा दे कि वह इस्लाम को दबाता नहीं है और इसके विपरीत झूठ को खारिज करता है।
अमेरिका में पहली बार किसी मस्जिद के दौरे पर गए ओबामा ने देश में हाल के दिनों में मुस्लिमों के खिलाफ बढ़ती राजनीतिक प्रतिरोध का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी किसी भी मत के खिलाफ कट्टरता को मूक खड़े नहीं देख सकते।
अपने संबोधन में अमेरिकी मुस्लिम समुदाय से ओबामा ने कहा, मैं जानता हूं कि हमारे पूरे देश में मुस्लिम समुदाय के लिए चिंता का समय है और सच कहूं तो उनके लिए यह थोड़े डर का समय है। सभी अमेरिकियों की तरह वे भी आतंक के हमले के प्रति चिंतित हैं लेकिन उसमें भी मुस्लिम अमेरिकी के तौर पर आपकी अन्य चिंताएं भी उससे उपर हैंं और वह है कि आपके सारे समुदाय को कभी-कभी होने वाली हिंसक घटनाओं के लिए अक्सर निशाना बनाया जाता है और उसका आरोपी ठहराया जाता है।
ओबामा ने कहा कि किसी एक मत पर हमला हमारे सभी मतों पर हमला है। इसी के साथ उन्होंने मुस्लिमों की तरह दिखने वाले अमेरिकी सिखों की भी बात की और आह्वान किया कि अमेरिकियों को किसी समुदाय को निशाना बनाया जाने के समय आवाज उठानी चाहिए।
उन्होेंने कहा कि हमें इस बात का सम्मान करना चाहिए कि उनके पास धर्म की स्वतंत्रता है। इसी संबोधन में उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कहा कि उन्हें भी कट्टरवाद और आतंकवाद को खारिज करना चाहिए।
Latest World News